
सामान्य वर्षा में ही सिरहाका लक्ष्मीचोक क्षेत्र जलमग्न
सिरहा नगरपालिका वडा नं. २ के अंतर्गत लक्ष्मीचोक क्षेत्र में सामान्य वर्षा के दौरान पानी जमा होने से स्थानीय लोगों की दैनिक जीवनशैली प्रभावित हुई है। सड़क डिवीजन कार्यालय लहान के इंजीनियर अस्विन यादव के अनुसार सड़क की ऊँचाई कम और नाले की ऊँचाई अधिक होने के कारण पानी सीधे सड़क पर जमा हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर नाला निर्माण किए जाने के बावजूद पानी के निकास में समस्या होने के कारण स्थानीय लोग दीर्घकालीन समाधान की मांग कर रहे हैं। १४ वैशाख, सिरहा।
सामान्य वर्षा में ही सिरहा नगरपालिका वडा नं. २ के लक्ष्मीचोक क्षेत्र जलमग्न होने से स्थानीय लोगों की दिनचर्या बाधित हुई है। चोहर्वा–सिरहा सड़कखंड के अंतर्गत स्थित इस क्षेत्र में कल रात से आज सुबह तक हुई वर्षा के कारण सड़क पर पानी जमा हो गया था। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पिछले २४ घंटों में सिरहा नगर क्षेत्र में मात्र २९.२ मिलीमीटर वर्षा हुई थी। इस वर्षा से लक्ष्मीचोक के सामने माडर जाने वाली सड़क पर पानी जमा हो गया था, जिससे कुछ समय के लिए वाहन आवागमन बाधित हुआ। पानी के निकास न होने से स्थानीय लोगों ने अपने आप कोदालो से अस्थायी नाला बनाकर पानी निकलवाया।
स्थानीय राजकिशोर साह बनिया के अनुसार नाला निर्माण के समय पानी के निकास में आसानी की उम्मीद की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘पहले की तुलना में समस्या और बढ़ गई है, सामान्य वर्षा में ही घर के सामने पानी जमा हो जाता है, बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।’ उन्होंने बताया कि इससे विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल जाना कठिन हो गया है। अन्य स्थानीय ललित साह ने कहा कि सड़क पर पानी जमा होने से दैनिक जीवन अत्यंत असहज हो गया है। ‘‘उचित निकास न होने के कारण पानी सड़क पर ठहर जाता है, मजदूर, व्यापारी और विद्यार्थी सभी प्रभावित हो रहे हैं,’’ उन्होंने बताया।
वडा नं. २ के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए बार-बार निर्माण व्यवसायी और सड़क डिवीजन कार्यालय लहान को सूचित किया गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। ‘‘जनता की शिकायतों के बावजूद सम्बंधित अधिकारी ध्यान नहीं देते,’’ उन्होंने कहा। इसी संदर्भ में सड़क डिवीजन कार्यालय लहान के इंजीनियर अस्विन यादव ने बताया कि नाले की ऊँचाई अधिक और सड़क की ऊँचाई कम होने के कारण पानी सीधे नाले में नहीं जाकर सड़क पर जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों की मांग के बाद सड़क के स्तर उन्नयन की पहल शुरू की गई है। ‘‘तत्कालीन रूप से नाले में मौजूद सामान्य बंदिशें हटाकर पानी का निकास किया जा रहा है, स्थानीय लोगों से सहायता भी मांगी गई है,’’ उन्होंने कहा।
आर्थिक वर्ष ०८१/८२ में सड़क डिवीजन कार्यालय लहान ने लगभग ८ करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किया था। इसके प्रथम चरण में भगवत ग्रुप कंस्ट्रक्शन, काठमांडू ने ६ करोड़ रुपये में १,१०० मीटर नाला निर्माण की ठेका पाई थी जबकि दूसरे चरण में बोहदर माई एबी–वीरगंज ने २ करोड़ रुपये में ५०० मीटर नाला निर्माण की जिम्मेदारी संभाली थी। दोनों निर्माण कंपनियों ने अपना कार्य पूरा कर भुगतान भी ले लिया है, इंजीनियर यादव ने बताया। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए संरचनाओं के बावजूद राहत के बजाय समस्याएं बढ़ने से स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। उन्होंने दीर्घकालीन समाधान के साथ तुरंत सुधार के लिए सम्बंधित निकाय से मांग की है।