
आज ५ ऊर्जा केंद्रों पर हमला, प्राकृतिक गैस का मूल्य ३५ प्रतिशत बढ़ा
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।
- ईरान ने इजरायली हमले का बदला लेने के लिए खाड़ी देशों के ऊर्जा केंद्रों पर हमले कर दबाव बढ़ाया है।
- ईरानी मिसाइल हमले में इजरायल में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन फ़िलिस्तीनी महिलाएं और एक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
- खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा केंद्रों पर हमलों के बाद यूरोप में प्राकृतिक गैस के दाम ३५ प्रतिशत बढ़ गए हैं।
५ चैत्र, काठमांडू। अपने ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर इजरायली हमले के बदले के रूप में ईरान ने खाड़ी के विभिन्न देशों के ऊर्जा केंद्रों पर हमला कर उन्हें दबाव में रखा है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के २०वें दिन, ऊर्जा केंद्रों पर हुए हमलों ने विश्व को और तनावपूर्ण बना दिया है।
दोनों पक्षों ने हमलों की तीव्रता बढ़ाई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमलों में इजरायल में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन फ़िलिस्तीनी महिलाएं और एक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बुधवार रात को ईरानी मिसाइल के मलबे एक सौंदर्य पार्लर में गिरने की घटना रिपोर्ट हुई है।
इसी प्रकार, मध्य इजरायल (सेंट्रल इजरायल) में एक थाई नागरिक भी मृत पाया गया है। यह घटना तेल अवीव के उत्तर में स्थित शेरोन क्षेत्र में ईरानी मिसाइल गिरे होने से हुई। थाईलैंड विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह २० वर्ष का कृषि मजदूर था।
इसी बीच, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा है कि अमेरिका अपनी विदेश नीति को अच्छी तरह संभाल नहीं पा रहा है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने वाला था, लेकिन उसी समय इजरायल और अमेरिका ने हमले कर स्थिति बिगाड़ दी।
उनके अनुसार, ईरान के जवाबी हमले गलत थे, लेकिन परिस्थिति ने इसे अपरिहार्य बना दिया था।
उन्होंने कहा कि इस युद्ध में अमेरिका का हस्तक्षेप सबसे बड़ी गलती थी और अमेरिका इससे कोई लाभ नहीं उठाएगा।
प्राकृतिक गैस के दामों में ३५ प्रतिशत की वृद्धि
खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा केंद्रों पर तीव्र हमलों के बाद आज यूरोप में प्राकृतिक गैस के दाम ३५ प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, २८ फरवरी को ईरान के युद्ध शुरू करने के बाद से यूरोप में गैस की कीमतों में ६० प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
विश्वव्यापी कच्चे तेल के मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल का मूल्य भी बढ़कर आज ११२ डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। युद्ध के शुरू होने के बाद कच्चे तेल के दाम ४८ प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके हैं। मार्च १३ से इसकी कीमत १०० डॉलर प्रति बैरल से नीचे नहीं गई है।
मध्य पूर्व में युद्ध बढ़ने के कारण ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है।
कतार ने बताया है कि ईरानी मिसाइलों के कारण उसके मुख्य गैस केंद्र ‘रास लाफान’ को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी तरह, कुवैत के सरकारी संचार माध्यमों ने देश के दो तेल रिफाइनरी पर भी हमले की सूचना दी है।
युद्ध के २०वें दिन जिन ऊर्जा केंद्रों पर हमले हुए हैं वे इस प्रकार हैं:
१. रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी, कतर
गुरुवार सुबह, कतर ने बताया कि ईरानी मिसाइलों ने उसके मुख्य गैस केंद्र ‘रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी’ पर हमला कर भारी क्षति पहुंचाई है।
२. मीना अल-अहमदी रिफाइनरी, कुवैत
कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के अनुसार, कुवैत सिटी से करीब ५० किलोमीटर दक्षिण में स्थित मीना अल-अहमदी रिफाइनरी की एक ऑपरेटिंग यूनिट पर ड्रोन के टकराने से आग लगी है। इस घटना में किसी प्रकार की मानव हानि की सूचना नहीं है।
३. मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी, कुवैत
कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के अनुसार, देश के दक्षिण में मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला हुआ और वहां आग लग गई।
४. हबसन गैस केंद्र और बाब ऑयलफील्ड, यूएई
यूएई अधिकारियों ने बताया कि आसमान से गिरे मिसाइल के मलबे ने हबसन गैस केंद्र और बाब तेल क्षेत्र को प्रभावित किया है, जांच और जवाबी कार्रवाइयाँ जारी हैं। अभी तक मानव हानि की सूचना नहीं मिली है।
५. सामरेफ रिफाइनरी, सऊदी अरब
सऊदी अरब रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यानबू बंदरगाह स्थित सऊदी अरामको की ‘सामरेफ रिफाइनरी’ पर एक ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। क्षति का आकलन किया जा रहा है।
(एजेंसियों के सहयोग से)