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प्रधान न्यायाधीश डॉ. मनोजकुमार शर्मा ने पदभार ग्रहण किया

प्रधान न्यायाधीश डॉ. मनोजकुमार शर्मा ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से शपथ लेकर पदभार ग्रहण किया है। संवैधानिक परिषद ने न्याय परिषद द्वारा सिफारिश किए गए ६ उम्मीदवारों में चौथे क्रमांक पर रहे शर्मा को प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने का निर्णय लिया था। नेपाल बार ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता से संबंधित सवाल उठाते हुए शर्मा के नाम की सिफारिश का विरोध किया है।

५ जेठ, काठमांडू। प्रधान न्यायाधीश डॉ. मनोजकुमार शर्मा ने पदभार ग्रहण किया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से शपथ लेने के बाद वे तत्काल सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे और पद ग्रहण किया। उन्हें आज ही संसदीय सुनवाई से अनुमोदित किया गया था। इसके बाद तुरंत शपथ ग्रहण कराया गया।

संवैधानिक परिषद ने न्याय परिषद द्वारा भेजे गए ६ नामों में से वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में चौथे स्थान पर रहे न्यायाधीश शर्मा को प्रधान न्यायाधीश बनाने का फैसला किया। संवैधानिक परिषद ने वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ते हुए शर्मा का नाम सिफारिश किया, जिसे लेकर न्यायालय की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को लेकर नेपाल बार समेत कई पक्षों ने आपत्ति जताई। सर्वोच्च न्यायालय में वरिष्ठतम न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल हैं, जिनके प्रधान न्यायाधीश बनने की उम्मीद थी। सरकार ने संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश जारी कर प्रधानमंत्री की पसंद के व्यक्ति को अनुमोदन में सुविधा प्रदान की। ६ सदस्यीय संवैधानिक परिषद में तीन सदस्यों के निर्णय से कार्यवाही संभव होने का प्रावधान अध्यादेश में रखा गया था। उक्त अध्यादेश जारी होने के बाद संवैधानिक परिषद ने बैठक कर शर्मा का नाम सिफारिश किया।

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