Skip to main content

रास्वपा सांसद यादव ने स्यानिटरी पैड पर लगाए गए कर को तत्काल हटाने का सरकार से आग्रह किया

रास्वपा के सांसद पुरुषोत्तम यादव ने महिलाओं के लिए अत्यावश्यक स्यानिटरी पैड पर लगाए गए कर को तुरंत हटाने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म को राजस्व स्रोत बनाने वाला राज्य महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलने का नैतिक अधिकार खो देता है। यादव ने स्यानिटरी पैड पर कर लगाना राज्य की असंवेदनशीलता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। ५ जेठ, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की मंगलवार की बैठक में स्पीकर के माध्यम से सरकार का ध्यान खींचते हुए यादव ने बताया कि मासिक धर्म कोई इच्छा नहीं बल्कि महिलाओं की प्राकृतिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म के दौरान सुरक्षित और स्वस्थ रहना हर महिला का मूल अधिकार और सम्मान का विषय है। यादव ने कहा कि मासिक धर्म को कर के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने वाला राज्य महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता पर बोलने का नैतिक अधिकार खो देता है।

सांसद यादव ने सिगरेट, शराब जैसी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं पर सिन टैक्स बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी स्यानिटरी पैड पर कर लगाना राज्य की गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘एक ओर महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के बड़े भाषण दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर स्यानिटरी पैड जैसे आधारभूत आवश्यक चीजों पर कर लगाना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की प्रतिष्ठा, स्वास्थ्य और समान अवसरों का प्रश्न है।’

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ