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महिला मन्त्रालय के बजट में वृद्धि की मांग रास्वपा सांसदों ने की

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने महिला, बालबालिका, लैंगिक एवं यौनिक अल्पसंख्यक और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के बजट में वृद्धि के लिए सरकार पर दबाव डाला है। सांसद रिमा विश्वकर्मा ने महिला मंत्रालय को कुल बजट का एक प्रतिशत से कम मिलना दुखद बताया और बजट बढ़ाना आवश्यक बताई। सांसद शोभा खनाल ने ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बाल बच्चों के लिए अलग बजट आवंटित करने का सुझाव सरकार को दिया। ८ जेठ, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा के सांसदों ने महिला, बालबालिका, लैंगिक तथा यौनिक अल्पसंख्यक एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के बजट बढ़ाने की मांग की है। शुक्रवार को संघीय संसद प्रतिनिधि सभा के महिला तथा सामाजिक मामले समिति की बैठक में सांसदों ने यह मांग रखी। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी से सांसद रिमा विश्वकर्मी, शोभा खनाल समेत अन्य ने महिला मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए आगामी आर्थिक वर्ष में बजट वृद्धि का आग्रह किया।

सांसद विश्वकर्मा ने कहा कि ५१ प्रतिशत जनसंख्या को जिम्मेदारी सौंपे महिला मंत्रालय को कुल बजट का एक प्रतिशत से कम मिलना बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि महिला हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सरकार को महिला मंत्रालय के बजट में वृद्धि करना अतिदरकार है। ‘जनसांख्यिकी के अनुसार महिलाएं ५१ प्रतिशत हैं, फिर भी हमें ३३ प्रतिशत बजट पर संतोष क्यों करना पड़ता है? यह सोच मेरे लिए समझना कठिन है। इस मुद्दे पर हमें बहस करनी चाहिए। मैंने देखा कि राष्ट्र बजट का महिला मंत्रालय को एक प्रतिशत से कम बजट मिले है, जो हमारे जनसंख्या प्रतिनिधित्व से मेल नहीं खाता,’ उन्होंने कहा।

सांसद शोभा खनाल ने ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बालबालिकाओं के लिए अलग बजट आवंटित करने की आवश्यकता बताई। ‘ऑटिज्म और बलात्कार पीड़ित बालकों के लिए अलग बजट मिलने से ऐसे कार्यक्रम प्रभावी होंगे और गर्भवती महिलाओं के उद्धार कार्यक्रम को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी,’ उन्होंने कहा। कांग्रेस सांसद रीना उप्रेती ने वृद्धाश्रम के प्रावधान को वॉर्ड स्तर तक विस्तारित करने की मांग सरकार से की। उन्होंने तर्क दिया कि नई पीढ़ी के अनुभव साझा करने के लिए स्थानीय तहों में वृद्धाश्रम की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। ‘वृद्धाश्रम का स्थापना वॉर्ड स्तर पर हो ताकि हर वॉर्ड में इसका प्रबंध हो सके। समावेशी कानून बनाकर महिलाओं को पीड़ित होने से बचाना भी जरूरी है,’ उन्होंने कहा।

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