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बुद्धिचाल महासंघ की विशेष साधारण सभा दो स्थानों पर, नेतृत्व अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेगा

अखिल नेपाल बुद्धिचाल महासंघ में नेतृत्व पर लगे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए रविवार दो स्थानों पर विशेष साधारण सभा आयोजित की जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव में अध्यक्ष हेराकाजी महर्जन की कार्यशैली, आर्थिक अपारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए गए हैं। महासंघ का बेरुजु धनराशि 54 लाख से अधिक पहुँच चुकी है और बजट वितरण में भी पक्षपात का आरोप लगा है। 10 जेष्ठ, काठमांडू।

हाल के दिनों में बढ़ते आंतरिक विवाद के कारण महासंघ के नेतृत्व पर अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसी प्रस्ताव के बाद विशेष सभा बुलाई गई है। महासंघ के भीतर बढ़ते आंतरिक विवाद के कारण अब विशेष साधारण सभा दो अलग-अलग स्थानों पर हो रही है। महासंघ अध्यक्ष हेराकाजी महर्जन का पक्ष मकवानपुर के हेटौंडा में विशेष सभा आयोजित कर रहा है, जबकि महर्जन और महासचिव धरमबहादुर लामा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए एक अन्य समूह ने काठमांडू के स्वयम्भु स्थित स्वयम्भु पीस होटल में विशेष सभा आयोजित की है।

अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने वाले हेराकाजी महर्जन का दल हेटौंडा में है, जबकि महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिपेन राई के नेतृत्व वाला समूह काठमांडू में सभा करने की तैयारी में है। महासंघ के प्रवक्ता राजु ताम्राकार के अनुसार, कार्यसमिति के निर्णय के अनुसार महासंघ की विशेष साधारण सभा जेष्ठ 10 को मकवानपुर, हेटौंडा-4 स्थित क्लब हेटौंडा में संपन्न होगी। वहीं, दूसरे समूह ने काठमांडू में भी विशेष सभा करने का सूचना दी है।

वैशाख 12 को वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिपेन राई ने अध्यक्ष हेराकाजी महर्जन और महासचिव धरमबहादुर लामा के खिलाफ 40 प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर सहित अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। अविश्वास प्रस्ताव पर वैशाख 30 को हुई बैठक में विधान की परिच्छेद 7, दफा 22, उपदफा 2 के तहत 35 दिनों के भीतर विशेष साधारण सभा बुलाने का निर्णय लिया गया था। फिडे प्रतिनिधि अमित खन्ना ने बताया कि नेपाल के केन्द्रीय कार्यसमिति ने बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के लिए मकवानपुर के हेटौंडा में विशेष साधारण सभा करने का फैसला किया है।

हालांकि इस स्थान पर कुछ लोगों ने लिखित असहमति भी जताई है। निष्पक्ष पर्यवेक्षण के लिए वर्ल्ड चेस फेडरेशन और राष्ट्रीय खेलकूद परिषद को लिखित सूचना भेजी गई है और फिडे के प्रतिनिधि अमित खन्ना नेपाल पहुँच चुके हैं। liderança के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने से महासंघ के अंदर आंतरिक असंतोष और नेतृत्व के प्रति अविश्वास रोज़ स्पष्ट हो रहा है। हेराकाजी महर्जन की कार्यशैली, आर्थिक अपारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिपेन राई एवं अन्य लोगों ने महासंघ में वित्तीय अनियमितताएं, अपारदर्शी खर्च और जिम्मेदारी नहीं निभाने के आरोप लगाए हैं। महासंघ के कोषाध्यक्ष ताराबहादुर रानाभाट के अनुसार, महासंघ के पास 54 लाख रुपये से अधिक का बेरुजु रकम है। राखेप से मिलने वाला बजट समय पर न मिलने, अंतरराष्ट्रीय सहायता से प्राप्त कोष का हिसाब नहीं दिखाने जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। खिलाड़ियों के चयन, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और बजट वितरण में भी पक्षपात का आरोप लगाया गया है।

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