
‘डिपसिक’ ने फ्लैगशिप मॉडल पर ७५ प्रतिशत स्थायी छूट की घोषणा की
चीनी एआई स्टार्टअप डिपसिक ने अपने फ्लैगशिप मॉडल ‘भी४-प्रो’ के एपीआई शुल्क में की गई ७५ प्रतिशत कटौती को स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कंपनी ने विशेष प्रमोशन के तहत दी गई इस छूट को अब निरंतर जारी रखने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि इस मॉडल का उपयोग शुल्क पूर्व की तुलना में केवल चौथाई रहेगा।
डिपसिक ने अपने भी४-प्रो मॉडल में हुवावे कंपनी के ‘एसेन्ड ९५०’ चिप्स का उपयोग करके इसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाया है। नए मूल्य तालिका के अनुसार, इस मॉडल के एपीआई शुल्क प्रति १० लाख टोकन के आधार पर ०.०२५ युआन से ६ युआन तक है, जबकि पहले यह ०.१ युआन से २४ युआन तक था। एआई क्षेत्र में ‘टोकन’ शब्द से तात्पर्य मॉडल द्वारा संसाधित शब्द या अक्षर के छोटे भाग से है।
हुवावे के एआई चिप्स की बिक्री को अमेरिकी निर्यात नियंत्रण नीति से अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, जिसने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एनविडिया को चीन में सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, चिप्स उत्पादन उपकरणों पर कड़ी पाबंदियों के कारण हुवावे को ‘एसेन्ड’ चिप्स की उत्पादन वृद्धि में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। पिछले महीने डिपसिक ने अपनी चौथी पीढ़ी के ‘भी४’ मॉडल को सार्वजनिक करते हुए बताया था कि उच्च क्षमता वाले कम्प्यूटिंग पावर की कमी के कारण प्रो संस्करण की उपलब्धता सीमित रहेगी और इसकी कीमत कम क्षमताधर ‘फ्लैश’ संस्करण की तुलना में १२ गुना अधिक होगी।