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सुधन गुरुङको बयान लिने तयारी, समिति भन्छ– हामी बोल्दैनौं, प्रमाण बोल्छ

सुधन गुरुङ के बयान दर्ज किए जाने की तैयारी, समिति का कहना – हम नहीं बोलेंगे, सबूत बोलेंगे

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • तत्कालीन गृहमंत्री सुधन गुरुङ पर जांच के लिए गठित समिति ने आधा कार्य पूरा कर लिया है और अब गुरुङ का बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
  • उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अच्युतप्रसाद भंडारी की अध्यक्षता वाली समिति ने निर्दिष्ट १५ दिनों में तथ्य और प्रमाणों सहित स्पष्ट रिपोर्ट सौंपने का आश्वासन दिया है।
  • व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ साझेदारी विवाद के बाद ९ वैशाख को राजीनामा देने वाले गुरुङ निर्दोष पाए जाने पर पुनः गृहमंत्री बनने की चर्चा हो रही है।

१० जेठ, काठमांडू। तत्कालीन गृहमंत्री और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सदस्य सुधन गुरुङ के विरुद्ध जांच करने के लिए गठित समिति ने उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

मंत्रिपरिषद की २८ वैशाख को हुई बैठक में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अच्युतप्रसाद भंडारी की अध्यक्षता में, महालेखा नियंत्रक शोभाकांत पौडेल एवं सह न्याय अभिभाषक अच्युतमणि नेउपाने को सदस्य बनाकर एक टीम गठित की गई थी।

समिति ने अपने आधे कार्य को पूरा कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक अब गुरुङ का बयान दर्ज करने का काम आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पहले की गई जांच में समिति ने आरोपों से जुड़े पक्षों से जानकारी इकट्ठा करना और संपत्ति विवरण भी शामिल करके अध्ययन करना जारी रखा था।

जांच प्रक्रिया के आधे हिस्से के पूरा होने के बाद अब समिति गुरुङ को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। समिति के सूत्रों का कहना है, ‘अब हम उन मुद्दों पर माननीय सदस्य (सुधन गुरुङ) से पूछताछ करेंगे, जिन पर सवाल उठे हैं।’

समिति के अध्यक्ष भंडारी के मुताबिक, जांच का कार्यक्षेत्र गुरुङ मंत्री रहते हुए उठे मुद्दों को लेकर निर्धारित किया गया था और उसी के अनुसार काम जारी है।

‘हमारा कार्यक्षेत्र मंत्री रहते हुए उठे मुद्दों की जांच करना, रिपोर्ट तैयार करना और सुझाव देना है। हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं,’ भंडारी ने कहा।

स्पष्ट निष्कर्ष सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी

समिति ने साफ नतीजों के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया है। दोषी पाए जाने पर स्पष्ट रूप से दोषी और निर्दोष पाए जाने पर कारण सहित स्पष्ट रिपोर्ट दी जाएगी।

समिति के अध्यक्ष भंडारी ने कहा, ‘हम नहीं बोलेंगे, सबूत बोलेंगे। दस्तावेज बोलेंगे। कारण और सबूत के साथ स्पष्ट रिपोर्ट तैयार होगी।’

उनका कहना है कि प्रत्येक मामले का तथ्य और सबूत के साथ विश्लेषण कर अध्ययन किया जा रहा है। यदि आवश्यक होगा तो सफाई का मौका मिलेगा और कार्रवाई के लिए प्रमाणों के साथ रिपोर्ट आएगी, जिससे जनता विश्वास करेगी।

‘जैसे अदालत निर्णय स्पष्ट कारणों और सबूत के साथ देती है, वैसे ही हमारी रिपोर्ट भी आएगी। हमारे प्रमाण ही बोलेंगे,’ उन्होंने कहा।

निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी

समिति ने तय समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तैयारी की है। समिति ने अब तक निर्धारित समय सीमा में अपना कार्य किया है। उन्हें काम शुरु करने के दिन से १५ दिन का समय दिया गया था। एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है और बाकी शेष समय में रिपोर्ट सौंपे जाने का काम जारी है।

‘हम निर्धारित समय में ही रिपोर्ट प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं। कोई बड़ी बाधा नहीं हुई तो तय समय में रिपोर्ट सौंप देंगे,’ अध्यक्ष भंडारी ने कहा।

गुरुङ मंत्री रहते हुए उठे मुद्दों पर राय सहित रिपोर्ट दी जाएगी।

सुधन गुरुङ पर लगे आरोप क्या हैं?

व्यवसायी दीपक भट्ट को सम्पत्ति शोधन के आरोप में १९ चैत को काठमांडू से गिरफ्तार किया गया था। भट्ट अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। भट्ट के साथ साझेदारी होने के कारण गुरुङ विवाद में फंसे थे।

संपत्ति विवरण के सार्वजनिक होने पर शेयर छिपाने, विवादित व्यवसायी की कंपनी में शेयर दिखाने जैसे मामले सामने आने के बाद ९ वैशाख को गुरुङ ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपा। उनके द्वारा पेश किए गए संपत्ति विवरण, जमीन और सोने जैसे मामलों पर कई टिप्पणी हुई थीं।

इस्तीफा देते हुए गुरुङ ने फेसबुक पर लिखा था, ‘हाल के दिनों में नागरिक स्तर से शेयर सहित विषयों पर उठे सवाल, टिप्पणियाँ और जनचाहत को मैंने गंभीरता से लिया है। मेरे लिए पद से बड़ा नैतिकता है। जनविश्वास से बड़ी शक्ति नहीं है। संबंधित विषयों पर निष्पक्ष जांच हो।’

जांच की मांग को लेकर दिए गए इस्तीफे के २० दिन बाद ३१ वैशाख को सरकार ने जांच समिति गठित की थी।

अगला गृहमंत्री कौन होगा?

शनिवार को सशस्त्र प्रहरी अस्पताल बलम्बु पहुंचे सुधन गुरुङ ने प्रशिक्षण के दौरान घायल जवानों की स्थिति जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया। इससे कई लोगों ने उनके पुनः गृहमंत्री बनने की आशंका जताई। उन्हें छाया गृहमंत्री के रूप में वहाँ जाने का अनुमान भी लगाया गया है।

लेकिन सचिवालय ने कहा कि गुरुङ मानवीय कारणों से वहां गए थे। प्रशिक्षण दौरान बेहोश हुए जवानों की खबर मिलने पर पूर्व मंत्री गुरुङ फल लेकर मरीज से मिलने अस्पताल गए थे।

उन्होंने वहाँ मरीजों की स्थिति जानी और व्यक्तिगत रूप से मदद देने को तैयार रहने की बात कही। उन्होंने अस्पताल के निदेशक से भी मरीजों की जानकारी प्राप्त की।

गुरुङ पर जांच खुलने और महीनों बीत जाने के बाद भी गृहमंत्री नियुक्त न होने के कारण पुनः गृहमंत्री कौन बनेगा, इस पर चर्चा बढ़ी है। इस विषय पर रास्वपा अभी तक कोई निर्णय नहीं ले सकी है। निर्णय न लेने और जांच पूरी न होने के कारण पुनः गुरुङ के गृहमंत्री बनने की संभावनाएं नजर आ रही हैं।

यदि जांच समिति उन्हें निर्दोष ठहराती है, तो पुनः गृहमंत्री बनने की संभावना बनी रहेगी, ऐसा रास्वपा के नेताओं ने स्वीकार किया है। परंतु अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री बालेन शाह के हाथ में रहेगा, उनका मानना है।

वैसे भी, पहले भी बालेन की पसंद वश गुरुङ गृहमंत्री बने थे, इसलिए जांच समिति से सफाई मिलने पर बालेन उन्हें पुनः गृहमंत्री नियुक्त कर सकते हैं, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

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