
मधेस जनलोकपाल आयोग में दो सदस्यों की नियुक्ति
मधेस सरकार ने जनलोकपाल आयोग के रिक्त दो सदस्य पदों पर संजीवकुमार झा और सुजाता विमल को नियुक्त किया है। नव नियुक्त सदस्य संजीवकुमार झा और सुजाता विमल ने प्रदेश प्रमुख सुरेन्द्र लाभ से पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है। आयोग के प्रभावशाली न होने के कारण पिछले पुष माह में सदस्य राजकिशोर साह और शोभा महतो ने इस्तीफा दिया था, जिससे ये पद रिक्त हो गए थे।
१२ जेठ, जनकपुरधाम। मधेस सरकार के ठहराव का शिकार जनलोकपाल आयोग में रिक्त दो सदस्य पदों पर नियुक्ति की गई है। आयोग में मधेस सरकार ने महोत्तरी के औरही नगरपालिका-७ के संजीवकुमार झा और महोत्तरी के श्रीपुर-८ की सुजाता विमल को सदस्य पद पर नियुक्त किया है। दोनों सदस्यों ने आज ही प्रदेश प्रमुख सुरेन्द्र लाभ से पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की है।
जनलोकपाल ऐन २०७७ के अनुसार, मुख्यमंत्री, सभामुख और प्रतिपक्ष दल के नेता की सिफारिश पर आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रदेश प्रमुख द्वारा की जाती है। मुख्यमंत्री लालबाबु राउत के नेतृत्व में २२ भदौ २०७८ को अध्यक्ष सहित तीन सदस्यीय आयोग गठित किया गया था। हालांकि, गठन के साढ़े चार वर्षों में आयोग की कार्यवाही और प्रभावशीलता न्यूनतम रही है।
सुशासन बनाए रखने हेतु गठित जनलोकपाल आयोग कार्यततव में ढीलापन के कारण २०८१ पुष में सदस्य राजकिशोर साह और शोभा महतो ने पद से इस्तीफा दे दिया था। आयोग में अब केवल अध्यक्ष रामसहायप्रसाद यादव ही बचे थे। आयोग के बेकार होने के कारण पहले सरकार ने इसे समाप्त करने का प्रयास भी किया था। लेकिन वर्तमान तीन दलों के गठबंधन सरकार ने आगामी पाँच वर्षों के लिए दो सदस्यों को पुनः नियुक्त किया है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भर्ती केंद्र के रूप में इसके गठन की आलोचना भी जारी है। इसके बावजूद, चार वर्षों में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि न होने के बाद कार्यालय में दो नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।