
मधेश प्रदेश के तीन राजनीतिक दलों के बीच 15 बिंदुओं पर सहमति, चुनाव से पहले गठबंधन जारी रखने का फैसला
मधेश प्रदेश के सत्ता साझा करने वाले तीन दलों ने आगामी चुनाव तक गठबंधन को बनाए रखने का निर्णय करते हुए 15 बिंदुओं पर समझौता किया है। इस सहमति के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष से मंत्रिपरिषद् को 9 सदस्यों तक सीमित किया जाएगा और बजट में एक करोड़ रुपये से कम के योजनाएं नहीं बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव, एमाले के सरोज कुमार यादव और नेकपा के युवराज भट्टराई द्वारा हस्ताक्षर होते ही रुका हुआ सरकार विस्तार कार्य पुनः शुरू हो गया है। 12 जेठ, जनकपुरधाम।
मधेश प्रदेश की सत्ता में हिस्सेदार तीन दलों के बीच 15 बिंदुओं पर सहमति स्थापित हुई है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) की असंतुष्टि के कारण पिछले तीन दिनों से सरकार का विस्तार प्रभावित था। इसी स्थिति में आज तीनों दलों- नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले और नेकपा- ने चुनाव तक सरकार को निरंतर बनाए रखने व एक करोड़ से कम मूल्य की योजनाएं न बनाने की सहमति की। इसके बाद सरकार विस्तार की प्रक्रिया पुनः गति पकड़ रही है।
सहमति पत्र में सरकार चलाने वाले साझेदार दलों के बीच आपसी समन्वय और समझदारी के आधार पर तेज़ी से कार्य करने का उल्लेख है। साथ ही आम जनता को प्रत्यक्ष रूप से सुशासन का अनुभव कराने के लिए प्रतिबद्धता जताई गई है। तीनों दलों ने वित्तीय वर्ष 2083/084 के बजट निर्माण में विकास योजनाओं के लिए एक करोड़ रुपये से कम का विनियोजन नहीं करने का निर्णय लिया है।
इसी तरह, आगामी आर्थिक वर्ष से वर्तमान मंत्रिपरिषद् की संख्या घटाकर मुख्यमंत्री सहित 9 सदस्यों तक सीमित करने का उल्लेख है। मंत्रालयों का वितरण करते समय मुख्यमंत्री पद साझा रहेगा, जबकि नेकपा (एमाले) और नेपाली कांग्रेस को तीन-तीन तथा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी को दो मंत्रालय प्राप्त होंगे। इस समझौते के अनुसार विकास निर्माण योजनाएं खुली और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के माध्यम से संचालित की जाएंगी और वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही विकास निर्माण के कार्य आरंभ किए जाएंगे।