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नेपाल बजट २०८३/८४: व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा १० लाख रुपैयाँ तक बढ़ाई गई

बजट प्रस्तुत करते हुए स्वर्णिम वाग्ले

तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library

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पढ़ने का समय: २ मिनट

संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ तक बढ़ाने की घोषणा की।

अर्थमंत्री वाग्ले ने बजट प्रस्तुत करते हुए संसद सहित सभी राज्य संरचनाओं से रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई और देश तथा विदेश के नेपालीयों के लिए इस वर्ष के बजट को एक प्रभावशाली नीति उपकरण बनने का विश्वास प्रकट किया।

उन्होंने कहा कि युवा जनसंख्या की पूंजी को अवसर के रूप में लेते हुए राजनीतिक अस्थिरता के दुष्चक्र को समाप्त किया जा चुका है।

बजट पेश करने के दौरान प्रारंभ में कराधान क्षेत्र में बड़े नीतिगत सुधारों की भी घोषणा की गई।

अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “उद्यम और व्यवसायों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ मध्यम वर्ग का विस्तार कर देश की समग्र अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के लिए कर दरों की व्यापक समीक्षा की है। कर भार कम करने के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ किया गया है। व्यक्तिगत आयकर की अधिकतम दर को १० प्रतिशत तक घटाया गया है।”

वर्तमान में व्यक्तिगत वार्षिक आय ५ लाख रुपैयाँ तक और दंपती की आय ६ लाख रुपैयाँ तक मात्र १ प्रतिशत कर लगाया जाता है। इसके बाद विभिन्न आय वर्गों के लिए कर दरें बढ़ती हैं।

दंपती के लिए ६ से ८ लाख रुपैयाँ तक १० प्रतिशत, ८ से ११ लाख रुपैयाँ तक २० प्रतिशत, और ११ से २० लाख रुपैयाँ तक ३० प्रतिशत कर लागू होता है।

इसके अलावा कर योग्य आय २० से ५० लाख रुपैयाँ तक होने पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त २० प्रतिशत तथा ४० लाख रुपैयाँ से अधिक कर योग्य आय पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त ३० प्रतिशत अतिरिक्त कर का प्रावधान आयकर अधिनियम में उल्लेखित है।

इन कारणों से उच्चतम कर दर ३९ प्रतिशत तक पहुँचती है, जो दक्षिण एशिया में सबसे अधिक है, कर प्रशासन के जानकारों ने बताया।

जनता समाजवादी आंदोलन के बाद सरकार के पहले स्थिर सरकार के पहले बजट को लेकर कई लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।

मंत्रिपरिषद् की बैठक से पहले बजट फाइल प्रस्तुत करते हुए आर्थिक मंत्री स्वर्णिम वाग्ले

तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library

सामाजिक सुरक्षा भत्ता छोड़ने के लिए प्रोत्साहन

अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने सक्षम नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा भत्ता स्वैच्छिक रूप से त्यागने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन देने की बात कही।

बजट में इसके लिए ‘जो कर सकते हैं वह छोड़ दें, जो नहीं कर सकते उन्हें जोड़ें’ जैसी योजना घोषित की गई है।

वाग्ले ने प्रवासी नेपालीयों को भी वार्षिक बजट में मतदान का अधिकार देने के लिए कानूनी और तकनीकी व्यवस्थाएँ बनाने की घोषणा की।

साथ ही राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दलों को अनुदान देने के विषय पर सरकार व्यापक चर्चा कराने का सुझाव भी मिला।

कृषि को प्राथमिकता

बजट घोषणा में सरकार ने कृषि को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही है।

अर्थमंत्री ने किसानों को २ करोड़ रुपैयाँ तक निवेश करने पर ४० प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध कराने के पायलट कार्यक्रम की भी घोषणा की।

यूरोपीय संघ नेपाल को यूरोपियन एविएशन ब्लैकलिस्ट से हटाने की नीति बनाने की भी जानकारी दी गई।

महिला उद्यमियों को ऋण प्रवाह में अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।

दुई तिहाई सरकार द्वारा तैयार बजट को व्यापक रुचि

अपने पहले बजट को महत्वाकांक्षी आकार का बताते हुए अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ और अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने इसे प्रभावशाली बताया।

पिछले वर्ष १९.५ खरब रुपैयाँ का बजट था, जिसे बाद में ३ खरब रुपैयाँ कम किया गया था।

मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में समस्याएं और मध्य पूर्व में युद्ध ने सरकार के लक्ष्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है, विशेषज्ञों ने कहा।

इस बजट के जरिए मध्यम वर्ग को राहत देने और उद्योग उत्पादन को प्रोत्साहित करने की उम्मीद सत्ताधारी दल के नेताओं ने जताई है।

वित्तीय वर्ष की चालू आर्थिक वृद्धि दर ३.८५ प्रतिशत अनुमानित है, जैसा कि बुधवार को अर्थमंत्री वाग्ले द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण से पता चला।

ईरान युद्ध सहित बढ़ती महंगाई के कारण आने वाले सप्ताह में संसद में पेश होने वाले बजट में कर्मचारियों की वेतन और आयकर सीमा से जुड़ी नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा।

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