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सरकार उपभोक्ताओं को बिल मांगने के लिए चिट्ठा योजना लागू करने जा रही है

सरकार उपभोक्ताओं को खरीद बिल मांगने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी वित्त वर्ष से मूल्य अभिवृद्धि कर (वेट) बिल में चिट्ठा योजना शुरू करने जा रही है। डिजिटल भुगतान के माध्यम से खरीदारी करते समय बिल जारी करने पर उपभोक्ता को 10 प्रतिशत वेट छूट प्रदान की जाएगी, जिसका प्रावधान बजट में रखा गया है। कारोबार को औपचारिक बनाने तथा राजस्व वृद्धि में सहायता के मद्देनजर आंतरिक राजस्व विभाग ने इसके लिए कार्यविधि तैयार कर आगे बढ़ने की बात कही है। 21 जेठ, काठमांडू।

सरकार आगामी वित्त वर्ष से वेट बिल में चिट्ठा योजना लागू करने की तैयारी कर रही है। अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी बजट में घोषणा की है कि डिजिटल भुगतान के जरिए उपभोक्ता द्वारा खरीदारी पर व्यवसायी बिल जारी करते समय मूल्य अभिवृद्धि कर (वेट) में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मंत्री वाग्ले ने वेट वापसी प्रणाली को स्वचालित बनाने और वस्तु व सेवा क्रय-विक्रय में बिल लेने-देने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए चिट्ठा (लॉटरी) जैसी आकर्षक योजनाएं शुरू करने की भी बात कही।

आंतरिक राजस्व विभाग के निदेशक प्रकाश पौडेल ने बताया, “पहले लॉटरी कार्यक्रम उपभोक्ता जागरूकता की कमी के कारण बिल लेने या देने की व्यवहार में सुधार न होने से असफल रहा था।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अब उपभोक्ता जागरूकता बढ़ी है और विद्युत कारोबार के कारण यह और प्रभावशाली होगा।” इस योजना से वस्तु और सेवा खपत में बिलिंग प्रक्रिया को व्यवस्थित करने तथा गैर-औपचारिक कारोबार पर नियंत्रण करने में मदद मिलने की अपेक्षा है।

पौडेल ने कहा कि वेट बिल मांगने पर न मिलने तथा उपभोक्ता द्वारा बिल मांगने से परहेज की प्रथा को रोकने में यह योजना प्रभावकारी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में उपभोक्ता द्वारा लिए गए बिलों को चिट्ठा के रूप में मान्यता देकर प्रतिदिन कुछ उपभोक्ताओं को लाखों रुपये के उपहार दिए जाएंगे। इसके लिए अर्थ मंत्रालय ने बजट भी आवंटित कर दिया है।

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