
पूर्वमंत्री अर्याल: लोकतंत्र में कार्यक्षमता और रचनात्मकता को प्राथमिकता देना जरूरी
पूर्वमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पदोन्नति से अधिक कार्यक्षमता और रचनात्मकता का माहौल बनाना अधिक महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र और गणतंत्र सभी के लिए अवसरों के द्वार खोलते हैं और बिना आधार किसी का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी गलती या कमी पर केवल प्रमाणों के आधार पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। २२ जेठ, काठमाडौं।
शुक्रवार को काठमाडौं में आयोजित कार्यशाला गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक निजामती सेवा के छैटवें स्तर पर थे लेकिन अब वे न केवल सांसद बल्कि मंत्री भी बने हैं, जो वर्तमान व्यवस्था में सभी को समान अवसर प्राप्त होने का उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को बिना तर्क-सिद्धांत अपमानित नहीं करना चाहिए और सभी को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ (संदेह का लाभ) दिया जाना चाहिए।
गृह प्रशासन की कार्यशैली पर चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रशासन केवल प्रमाणों के आधार पर ही आलोचना करता है या कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा, ‘‘गणतंत्र और लोकतंत्र में सभी के लिए संभावनाओं के द्वार खुले हैं। किसी का भी अपमान नहीं होना चाहिए। सभी को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ मिलना चाहिए। यदि कोई गलती या कमी हुई है तो प्रमाण के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन बिना प्रमाण दूसरों का अपमान करते हुए आगे बढ़ना देश की प्रगति में बाधा है।’’
पूर्वमंत्री अर्याल ने समाज में अभी भी अपमान और दोषारोपण की प्रवृत्ति जारी होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि लोकतंत्र मजबूत होने के साथ-साथ ये प्रवृत्तियां स्वतः कम होंगी। उन्होंने इस बात पर उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार इन मुद्दों पर विशेष ध्यान देगी और आने वाले दिनों में राजनीतिक तथा प्रशासनिक माहौल में सुधार होगा।