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किम यो-जोंग ने अमेरिका की न्यूक्लियर निरस्त्रीकरण मांग को भ्रमपूर्ण बताया

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने अमेरिका द्वारा न्यूक्लियर निरस्त्रीकरण की मांग को “समय से हटकर एक भ्रम” करार दिया है। उन्होंने उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को पीछे नहीं हटने वाली “लक्ष्मण रेखा” बताया। किम ने स्पष्ट किया कि प्योंगयांग अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामलों में कभी समझौता नहीं करेगा। २५ जेठ, काठमाडौं।
पिछले महीने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग की बैठक के बाद अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के साझा लक्ष्य पर सहमति जताई थी। हालांकि, चीनी पक्ष की आधिकारिक घोषणा में इस विषय का कोई उल्लेख नहीं था। लेकिन उत्तर कोरियाई सरकारी समाचार एजेंसी ‘KCNA’ के अनुसार, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने अमेरिकी बयान को “झूठी सूचना” करार दिया है।
किम यो-जोंग ने अमेरिका की न्यूक्लियर निरस्त्रीकरण की मांग को “समय सापेक्ष न होने वाला एक भ्रम” (Anachronistic Dream) बताया। उनका कहना था, “आत्मरक्षा के लिए परमाणु युद्ध प्रतिरोध क्षमता को निरंतर सुदृढ़ करना आवश्यक है… यह बिना शर्त पालन की जाने वाली अपरिवर्तनीय और अंतिम निर्णय है।” वर्कर्स पार्टी की जनरल अफेयर्स विभाग की प्रमुख किम ने आगे कहा, “उत्तर कोरिया की एक परमाणु शक्ति के रूप में स्थिति अब पीछे हटने वाली लक्ष्मण रेखा है। इसे कोई स्वीकार करे या न करे, यह एक अपरिवर्तनीय तथ्य है।” उत्तर कोरिया अपनी परमाणु हथियारों को आत्मरक्षा का मुख्य स्तंभ बताता रहा है। किम ने यह भी स्पष्ट किया कि प्योंगयांग अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में कभी कोई समझौता नहीं करेगा।

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