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प्रदेश सरकारों ने तैयार किए बजट के मुख्य पहलू क्या हैं?

२७ जेठ, काठमांडू। नेपाल में संघीय व्यवस्था के लागू होने के बाद पहली बार संघ और प्रदेश सरकारें पूरी तरह से भिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा बजट तैयार कर रही हैं।

संघीय सरकार ने राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) की एकल सरकार के रूप में आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट का प्रस्ताव रखा है। इसी बजट के अधिकांश स्रोतों पर आधारित होकर प्रदेश सरकारें १ असार २०८३ को अपने-अपने बजट सार्वजनिक करेंगी। सातों प्रदेशों में रास्वपाको उपस्थित नहीं है।

‘लिगेसी’ वाले दलों की अगुवाई वाले प्रदेशों के आगामी बजट को संघीय सरकार के बजट के साथ तालमेल बिठाते हुए आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है। सभी प्रदेशों ने आगामी वर्ष के नीति-प्रणाली और विनियोजन विधेयक के सिद्धांत और प्राथमिकताएं प्रदेश सभाओं में प्रस्तुत कर दी हैं।

इन दस्तावेजों के आधार पर प्रदेश सरकारें भी आगामी बजट को सुशासन की दिशा में मोड़ने का संकेत दे रही हैं। परियोजना बैंक के प्रभावशीलता बढ़ाने, परियोजनाओं के कार्यान्वयन को प्राथमिकता देने और समय पर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोशी प्रदेश : केचना–सगरमाथा द्रुतमार्ग और चतरा–लुक्ला रेलमार्ग

कोशी प्रदेश ने आगामी वर्ष २०८३/८४ के नीति-प्रणाली कार्यक्रम में आंतरिक राजस्व दायरा विस्तार, वित्तीय सुशासन और सतत विकास के लिए आवश्यक संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु नीतिगत एवं संस्थागत सुधारों पर बजट को केंद्रित करने की योजना बनाई है।

प्रवासन को कम करने और स्थायी आवास सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, भौतिक अवसंरचना तथा सूचना प्रौद्योगिकी-केंद्रित पूर्वाधार निर्माण पर जोर दिया जाएगा।

कोशी प्रदेश सार्वजनिक-निजी साझेदारी और निजी क्षेत्र से निवेश के माध्यम से परियोजना विकास और कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए पर्यटन को प्रमुख आधार बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए समय-सीमा सहित निगरानी कार्यसूची के अनुसार ठेका प्रबंधन की नीति-प्रणाली में उल्लेख है।

प्रदेश सरकार ने केचना–सगरमाथा द्रुतमार्ग और चतरा–चौँरीखर्च (लुक्ला) रेलमार्ग की सम्भाव्यता अध्ययन को प्राथमिकता दी है। आगामी वर्ष को कोशी प्रदेश भ्रमण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

मधेस प्रदेश: टुकड़े-टुकड़े परियोजनाओं में बजट न काटने की प्रतिबद्धता

मधेस प्रदेश ने कृषि, उद्योग और पर्यटन के सतत विकास को लक्षित करते हुए बजट तैयार किया है। प्रदेश सभाओं में प्रस्तुत नीति-प्रणाली के अनुसार आगामी वर्ष ‘मेड इन मधेस, समृद्ध प्रदेश’ के नारों के तहत प्रदेश को देश का खाद्य प्रदाता बनाने का उद्देश्य रखा गया है।

हर स्थानीय तह में कृषि संकलन केंद्र, चिस्यान केंद्र और दूध चिस्यान केंद्र स्थापित करने की नीति बनाई गई है। प्रदेश ने आगामी बजट में बेरोजगारी को रोकने और उत्पादक कार्यों में बंजर भूमि को लगाने की प्रतिबद्धता जताई है।

बंजर भूमि को उत्पादनमूलक गतिविधियों में लगाना और प्रदेश भूमि बैंक की अवधारणा को बढ़ावा देना नीति-प्रणाली में शामिल है। आगामी बजट में कम से कम 1,000 लोगों को रोजगार देने वाले रोजगारदाता और उद्योगपतियों के सम्मान का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

प्रदेश बजट के माध्यम से एक-द्वार उद्योग एवं निवेश सेवा केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। आगामी वर्ष में प्रादेशिक निवेश सम्मेलन आयोजित कर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित कर बड़े प्रोजेक्ट संचालित करने का घोषणा नीति में है।

मधेस औद्योगिक क्षेत्र और कॉरिडोर के स्तरोन्नति के लिए आवश्यक भौतिक पूर्वाधार विकास करेगा और डिजिटल इंडस्ट्रियल प्रोफाइल तैयार करेगा।

मधेस स्टार्टअप फंड द्वारा नवउद्यमी और युवाओं को प्रोत्साहन देने हेतु तकनीकी सहायता, सुविधाएं और अनुदान प्रदान किया जाएगा।

मधेस ने भौतिक पूर्वाधार विकास के साथ ही मानव विकास को केन्द्र में रखकर बजट तैयार किया है। शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और स्वास्थ्य क्षेत्र को पर्याप्त बजट दिया जाएगा।

मधेस ने डूबने से बचाव के लिए पोखरी, कुएं, नहर, तालाब, नदीनालों तथा निर्माण स्थलों की गड्ढों में बच्चों की असामयिक मृत्यु को रोकने हेतु जोखिम न्यूनीकरण व रोकथाम के जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है।

आगामी वर्ष टुकड़े-टुकड़े परियोजनाओं में बजट नहीं काटने का निर्णय नीति में है। विद्युत् सवारी साधन वितरण और विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए प्रादेशिक यातायात गुरुयोजना भी तैयार की जाएगी।

बागमती प्रदेश: डिजिटल क्राइम ट्रैकिंग सिस्टम लागू करेगा

बागमती प्रदेश आगामी वर्ष में सुशासन, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख सार्वजनिक प्रशासन को मुख्य प्राथमिकता देकर नीति और कार्यक्रम तैयार कर रहा है।

आगामी वर्ष मुख्यमंत्री नवप्रवर्तन कार्यक्रम लॉन्च करेगा और नागरिकों की शिकायतें सुनने के लिए हेलो सीएम डेस्क भी संचालित करेगा।

आगामी वर्ष में सार्वजनिक खर्च मानदंड, परियोजना चयन मानदंड, बहुवर्षीय परियोजना प्रबंधन और परियोजना बैंक संबंधी कानूनी व्यवस्थाओं को एकीकृत एवं व्यवस्थित किया जाएगा।

इस वर्ष ऑनलाइन परियोजना निगरानी प्रणाली विकसित कर लागू करने तथा इलेक्ट्रॉनिक रूपांतरण कार्ययोजना लागू करने के बारे में नीति-प्रणाली में उल्लेख है।

बजट आवंटन में दक्षता, कार्यान्वयन में कुशलता और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने का भी संकल्प किया गया है।

इस वर्ष सरकार पालिका मानव विकास एवं आर्थिक रूपांतरण के लिए विशेष कार्यक्रम भी संचालित करेगी। डिजिटल क्राइम ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाएगी।

‘गरिबले गरी खाने प्रदेश बागमती प्रदेश’ अवधारणा लागू करने की भी तैयारी है। हर निर्वाचन क्षेत्र में एक प्रमुख पर्यटन स्थल स्थापित करने की योजना इसमें शामिल है।

गण्डकी प्रदेश: फेवाताल में सेल्फी ब्रिज, रुपाताल में शीशे का पुल

गण्डकी प्रदेश ‘आत्मनिर्भर और समृद्ध प्रदेश, सुखी प्रदेशवासी’ नारे के साथ आगामी वर्ष का बजट पेश करने की योजना बना रहा है। निजी निवेश आकर्षित करने के लिए ‘इंवेस्ट गण्डकी’ समेत कई कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

कृषि आधुनिकीकरण, यंत्रीकरण, विविधीकरण, व्यावसायीकरण और बाजारीकरण पर भी बजट केन्द्रित होगा। गण्डकी ने कृषि को उद्योग में बदलने के लिए ‘रिटर्न टू विलेज’ अभियान चलाने की घोषणा की है।

कृषि मूल्य प्रबंधन के लिए कृषि एप विकसित करना और कृषि एंबुलेंस सेवा लागू करने का भी बजट में समावेश है। नेपाल सरकार के साथ मिलकर नापी शेष जमीन का नक्शा तैयार करना भी योजना में है।

वैज्ञानिक भूमिसुधार और सूकुम्बसी समस्या समाधान के लिए नेपाल एवं स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय किया जाएगा। धार्मिक पर्यटन परिपथ का विकास और मुख्य पर्यटन स्थलों में उच्च ऊंचाई वाला सिकाई उपचार तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।

फेवाताल में सेल्फी ब्रिज और रुपाताल में शीशे के पुल के निर्माण की सम्भाव्यता अध्ययन कर निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है।

फेवाताल में सेल्फी ब्रिज और रुपाताल में शीशे के पुल के निर्माण की सम्भाव्यता अध्ययन कर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी प्रदेश सरकार कर रही है।

गण्डकी पर्यटन को अपनी विशिष्टता के अनुसार उच्च प्राथमिकता देगा। घरेलू मदिरा उत्पादन, ब्रांडिंग, वितरण और विनियमन व्यवस्थित किया जाएगा तथा औषधीय और औद्योगिक प्रयोजन के लिए गांजा खेती पर नियंत्रण नियम बनाकर लागू किया जाएगा।

यह प्रदेश आरोग्य पर्यटन नीति को प्राथमिकता देगा। राइड शेयरिंग सेवा के नियम-व्यवस्थाओं को भी लागू करने की योजना है।

लुम्बिनी प्रदेश: कृषि को प्राथमिकता

लुम्बिनी प्रदेश अपने बजट को कृषि क्षेत्र-केंद्रित बनाने का प्रयास कर रहा है। एक पालिका-एक जैविक/स्थानीय फसल उत्पादन नीति अपनाई जाएगी।

प्रदेश ने जिलों को स्रोत केंद्र के रूप में गठित किया है और उनसे विशेष उत्पाद के उत्पादन पर फोकस किया जाएगा। युवा वर्ग के लिए कृषि उद्यमशीलता कार्यक्रम चलाने की योजना है।

स्वदेशी उत्पादों की ब्रांडिंग, उद्योग पंजीकरण, नवीनीकरण, नामांतरण और निरस्तीकरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली विकसित की जाएगी।

डिजिटल अवधारणा को बजट में समाविष्ट किया जाएगा और उद्यम विकास कोष का विस्तार करने की योजना है। नेपाल सरकार द्वारा घोषित ‘भिजिट नेपाल २०८५’ योजना से लुम्बिनी को लाभ मिलेगा।

प्रदेशीय सड़क नेटवर्क गुरुयोजना में शामिल सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी। झोलुंगे पुल निर्माण के लिए भी पर्याप्त बजट आवंटित किया जाएगा।

प्रदेश में विद्युत संचालित साधन उपयोग को बढ़ावा देने की नीति है। विज्ञान और नवप्रवर्तन कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

कर्णाली प्रदेश: “संसार का गंतव्य नेपाल, नेपाल का गंतव्य कर्णाली”

कर्णाली प्रदेश कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाते हुए खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बजट बनाएगा।

शिक्षा में समान पहुंच और गुणवत्ता सुधार के माध्यम से मानव पूंजी विकास पर जोर देंगे। इस वर्ष एक स्थानीय तह में एक कृषि पाठशाला कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। रैथाने फसलों में कर्णाली को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।

वन उत्पादों के निकासी के प्रभावी प्रबंधन के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की जाएगी। ‘संसार का गंतव्य नेपाल: नेपाल का गंतव्य कर्णाली’ नारे को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा मिलेगा। सुर्खेत हवाई अड्डा विस्तार योजना भी बजट में शामिल है।

स्टार्टअप लोन को प्राथमिकता दी जाएगी। खुले में प्लास्टिक कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। चिन्हित तुईन पुलों को विस्थापित कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाएगा।

यातायात सेवाओं में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली, स्मार्ट लाइसेंस छपाई और वितरण लागू किये जायेंगे, साथ ही संघीय सरकार के साथ समन्वय में एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली कार्यान्वित की जाएगी। चालन व्यय और प्रशासनिक खर्च को मितव्ययी बनाकर शून्य बकाया अभियान चलाने का संकल्प भी प्रदेश सरकार ने लिया है।

सुदूरपश्चिम प्रदेश: २५ लाख रुपए तक के छोटे प्रोजेक्ट स्थानीय तह को हस्तांतरित

यह प्रदेश परियोजना चयन मानदंड और परियोजना बैंक को आधार मानकर कार्यक्रम विकास और कार्यान्वयन की तैयारी कर रहा है। आगामी वर्ष के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए बजट आवंटन, सुविधा प्रदान करना, समन्वय और नियमन सुनिश्चित करने का घोषणा नीति में है।

जनता आवास कार्यक्रम जारी रखते हुए प्रवास बढ़े हुए क्षेत्रों में एकीकृत बस्ती विकास अवधारणा को लागू किया जाएगा। पर्यटन पूर्वाधार को प्राथमिकता देते हुए बजट विनियोजन किया जाएगा।

प्रदेश ने २५ लाख रुपए से कम लागत वाले परियोजनाओं को स्थानीय तह को हस्तांतरित करने की घोषणा की है। सुदूरपश्चिम प्रदेश प्रमुख स्टार्टअप कार्यक्रम भी संचालित करेगा। आगामी वर्ष में प्रदेश निवेश और विकास सम्मेलन आयोजित होगा।

जनता आवास कार्यक्रम जारी रहेगा तथा परिवारों के अधिक प्रवासन स्थानों में एकीकृत बस्ती विकास मॉडल को लागू किया जाएगा। पर्यटन पूर्वाधार के लिए बजट प्रमुख होगा।

केन्द्र सरकार द्वारा प्राथमिकता प्राप्त अपी, सुरमा, सैपाल, खप्तड, रानीसैन, बडीमालिका, रामारोशन क्षेत्रों को बढ़ावा देने एवं सुरक्षित पदमार्ग निर्माण संबंधी योजनाएँ भी बजट में शामिल रहेंगी। दार्चुला, बाजुरा, बझाङ, बैतडी, अछाम और डोटी जिला अस्पतालों का स्तरोन्नति भी बजट प्राथमिकता में है।

प्रदेश छात्रवृत्ति कार्यक्रम को जारी रखते हुए बजट आवंटन की योजना बना रहा है। मौसमी रोजगार के लिए भारत जाने वाले नेपाली मजदूरों को रोजगार बीमा में शामिल करने की नीति अपनाई जाएगी।

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