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चितवन में कुत्ते को उपयोगकर्ता की आकस्मिक गर्भनिरोधक दवा देना विवाद का कारण बना

चितवन के सौराहा में कुत्ते के उपचार के दौरान मनुष्यों द्वारा प्रयुक्त आकस्मिक गर्भनिरोधक गोली खिलाए जाने और उसके बाद कुत्ते की मृत्यु होने की घटना सार्वजनिक हुई है। 28 जेठ, काठमांडू। कुत्ते के इलाज में गलत दवाइयों और प्रक्रियाओं के उपयोग के कारण जनमत निर्माण हुआ है। कुत्ते की इच्छामृत्यु (युथेनाइजेशन) के दौरान तकनीशियनों द्वारा उपयोग की गई दवा गलत होने का आरोप लगा है। ऐसी दवाइयाँ कुत्ते को सहज मृत्यु प्रदान करने की बजाय अधिक पीड़ा दे सकती हैं, ऐसा बताया गया है।

चितवन में हुई इस घटना में कुत्ते को मनुष्य की आकस्मिक गर्भनिरोधक गोली खिलाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। एनिमल नेपाल चितवन की फील्ड सुपरवाइजर दीपा केसी के अनुसार, यह कुत्ता सौराहा के एक व्यक्ति का स्वामित्व है। कुछ समय पूर्व कुत्ते का दूसरे कुत्ते से संपर्क हुआ था। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण मालिक उसे नजदीकी निजी क्लिनिक में उपचार के लिए ले गए थे। प्रारंभिक उपचार में क्लिनिक ने मनुष्यों के उपयोग के लिए आकस्मिक गर्भ निरोधक दवा ‘आईपिल’ और मल्टीविटामिन सुझाए थे।

कुत्ते के पेट फूलने पर गर्भधारण की आशंका जताई गई और परीक्षण में गर्भ की पुष्टि हुई, ऐसा मालिक ने बताया। लगभग 33 दिन का गर्भ होने के कारण उपचार और शल्यक्रिया के लिए कुत्ते को क्लिनिक में ले जाया गया था। लेकिन ऑपरेशन के दौरान कुत्ते की स्थिति अचानक बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई, यह जानकारी मिली है। शल्यक्रिया प्रारंभ में तकनीशियन ने की और बाद में डॉक्टर आए, ऐसा कुत्ते के मालिक ने बताया।

कुत्ते की मृत्यु के कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम का अनुरोध किया गया था। शुरुआत में निजी तौर पर पोस्टमार्टम करने का प्रयास किया गया, लेकिन विभिन्न पक्षों ने इसे अस्वीकार किया। बाद में जिला पुलिस कार्यालय के समन्वय में पशु सेवा कार्यालय में पोस्टमार्टम करने पर सहमति बनी। हालांकि कानूनी प्रक्रिया और जिम्मेदारी को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। इस घटना ने पशु चिकित्सा सेवा, निजी क्लिनिक की जिम्मेदारी और दवा उपयोग प्रक्रियाओं पर व्यापक बहस छेड़ दी है।

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