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संगीत ने कैसे बना विश्वकप की दूसरी भाषा?

कनाडा, मेक्सिको और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित फीफा विश्वकप के लिए फीफा ने 18 गीतों वाला एक विशेष डबल एल्बम जारी किया है। सन् 1930 में उरुग्वे में आयोजित पहले विश्वकप में होसे पेपिनो मिनिस्तेरी द्वारा गाया गया “उरुग्वाइयोस काम्पिओनेस” को विश्वकप का पहला गीत माना जाता है। फीफा ने सन् 1962 में चिली विश्वकप से “एल् रक डेल मुन्डियल” गीत का उपयोग करके आधिकारिक रूप से विश्वकप संगीत की यात्रा शुरू की थी। फीफा के पूर्व अध्यक्ष सेप ब्लाटर ने एक बार कहा था, “दुनिया में केवल दो भाषाएँ हैं – फुटबॉल और संगीत।” ब्लाटर का यह कथन फुटबॉल विश्वकप के दौरान और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। हर विश्वकप के उत्सव में संगीत विभिन्न संस्कृतियों और देशों के लोगों को एक ही ताल में बांधता है। प्रतियोगिता अपने प्रचार, माहौल को गरम करने और एक विशेष वातावरण तैयार करने के लिए संगीत का उपयोग करती है। इसी कारण कुछ लोग संगीत को विश्वकप की दूसरी भाषा मानते हैं।

संगीत के इसी प्रभाव की वजह से विश्वकप के उद्घाटन समारोह में आधिकारिक भाषण संक्षिप्त होते हैं। मुख्य आकर्षण हमेशा ‘थीम सॉन्ग’ की प्रस्तुति होती है। इस आधार पर विश्वभर फुटबॉल संस्कृति और मानवीय मूल्यों को फैलाने का एक प्रमुख माध्यम संगीत बन गया है। दूसरी ओर, संगीत खेल का पूरक भी है। सन् 2010 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित फीफा विश्वकप के आधिकारिक गीत ‘‘वाका वाका’’ (दिस टाइम फॉर अफ्रीका) को याद करें। रिलीज होने के 16 वर्षों में कोलम्बियन पॉप स्टार शाकिरा का यह गीत केवल यूट्यूब पर ही 4 अरब 50 करोड़ से अधिक बार स्ट्रीम किया जा चुका है। कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका के संयुक्त रूप से विश्वकप आयोजित करने के कारण इन तीन देशों की संस्कृतियों और कलाकारों को अधिक प्राथमिकता दी गई है।

विश्वकप का संगीत संस्करण इतिहास में सबसे बड़ा और विशेष है। इस वर्ष फीफा ने विभिन्न शैलियों के संगीत को मिलाकर 18 गानों वाला एक विशेष डबल एल्बम रिलीज किया है। एल्बम में कई देशों के प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं। जैसे: नाइजीरिया के बर्न बॉय के साथ मिलकर शाकिरा ने “दाइ दाइ” गीत गाया है। यह फीफा एन्थम के लिए शाकिरा का दूसरा सहयोग है। अमेरिकी कलाकार जेले रोल और मेक्सिको की कारिन लियोन का ‘‘लाइटर’’, कनाडा की जेसी रेयेज और फिलिस्तीनी गायिका एलियाना का ‘‘इलुमिनेट’’, अमेरिकी रैपर फ्यूचर और दक्षिण अफ्रीकी गायिका टायला का ‘‘गेम टाइम’’, विश्वव्यापी एन्थम के लिए रोबी विलियम्स और निकोल शेर्जिंगर का ‘‘डिजायर’’ आदि हैं।

विभिन्न देशों और शहरों में मैच होने के कारण भी संभव है कि इस साल फीफा ने संगीत में विविधता लाई है। प्रारंभिक काल में अक्सर एक ही गायक एक ही भाषा में गीत गाता था, लेकिन अब विभिन्न देशों और संस्कृतियों के अलग-अलग कलाकार प्रस्तुत होते हैं।

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