धनकुटा में जनश्रमदान से निर्मित सड़क का कालोपत्रे कार्य विश्व बैंक के सहयोग से शुरू
२ असार, धनकुटा । धनकुटा नगरपालिकाजिले हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा धाम तक फैली सड़क के कालोपत्रे कार्य की शुरुआत कर दी है। यह सड़क, जिसकी खुदाई २०५७ साल में जनश्रमदान के माध्यम से हुई थी, अब विश्व बैंक के लगभग ३६ करोड़ रुपये के सहयोग से कालोपत्रे की जा रही है। सरकारी बजट और तकनीकी संसाधन सीमित होने के चलते ग्रामीणों ने ९६ दिनों तक जनश्रमदान कर सड़क का ट्रैक खोला था। धनकुटा नगरपालिका के वार्ड नंबर १ और २ में आने वाली यह सड़क शुरू में भीरगांव के स्थानीय लोगों के लिए हिले बाजार तक पैदल आने-जाने में सहूलियत के लिए बनाई गई थी। किन्तु समय के साथ यह सड़क रिंगरोड योजना से जुड़ गई और आज यह धनकुटा नगरपालिकाके विकास की रीढ़ बन चुकी है।
विश्व बैंक के सहयोग से शुरू इस परियोजना के तहत करीब ७.२ किलोमीटर मार्ग का स्तरोन्नति की जा रही है। इसमें से ३.३ किलोमीटर पर ढलान पूरा हो चुका है जबकि बाकी ४ किलोमीटर सड़क पर अस्फाल्ट कालोपत्रे का कार्य जारी है। धनकुटा नगरपालिकाके योजना एवं अनुगमन अधिकारी सीताराम गौतम के अनुसार मौसम अनुकूल रहने पर इस असार माह के अंत तक कालोपत्रे कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क के स्तरोन्नति से मधुगंगा धाम तक धार्मिक पर्यटन का मार्ग आसान होगा और स्थानीय होटल, छोटे व्यवसाय एवं सेवा क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
रिंगरोड योजना अभी पूर्ण नहीं हुई है। हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा सड़क के कालोपत्रे होने के बावजूद निचले इलाके बिहीबारेहाट–मालबांसे–भीरगांव–मधुगंगा सड़क का स्तरोन्नति नहीं होने के कारण रिंगरोड योजना पूरी नहीं हो पाई है। धनकुटा नगरपालिका ने बताया कि बजट की कमी के कारण इस काम को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। अभी सड़क के ट्रैक खोलने और संरचनात्मक तैयारियाँ मात्र हुई हैं। गौतम ने बताया कि विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन स्वीकृति अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। हिले–चोक्रोक–भीरगांव–मधुगंगा सड़क के कालोपत्रे के पश्चात हिले बाजार से भीरगांव और मधुगंगा धाम की यात्रा सुगम हो गई है। निचले इलाके बिहीबारेहाट–मालबांसे–भीरगांव–मधुगंगा सड़क का स्तरोन्नति या कालोपत्रे होने से धनकुटा बाजार, भीरगांव और मधुगंगा धाम तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा तथा धनकुटा नगरपालिकाकी रिंगरोड योजना पूरी हो सकेगी।