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रास्वपा अधिवेशनः क्या रवि लामिछाने और बालेन शाह के अलग-अलग गुट बन गए हैं?

प्रतिनिधिसभा चुनाव प्रचार के दौरान रवि लामिछाने और वालेन्द्र शाह बालेन

तस्वीर स्रोत, Reuters

आगामी हफ़्ते पार्टी महाधिवेशन की तैयारी में लगी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के जारी जिला एवं प्रदेश अधिवेशनों में पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने और वरिष्ठ नेता वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ समर्थक गुटबंदी के आरोप लगने लगे हैं।

कोशी प्रदेश के अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार गोमा (सरिन) तामांग ने गुटबंदी के कारण अपनी हार की शिकायत की है। सुनसरी क्षेत्र 1 से दो चुनावों में रास्वपा की उम्मीदवार रही और प्रदेश की कार्यवाहक अध्यक्ष भी रह चुकीं तामांग ने पार्टी अधिवेशन में दो धड़ों के बीच दिख रही “गुटबंदी” पर चर्चा की।

हालांकि पार्टी के निर्वाचन आयोग प्रमुख भुवन केसी ने शीर्ष नेताओं के नाम लेकर गुट बनाकर प्रतिस्पर्धा पर प्रतिबंध लगने की बात कही है।

तीन साल पहले स्थापित रास्वपा रविवार से चितवन के भरतपुर में अपना पहला महाधिवेशन कर रहा है। इस महाधिवेशन में संस्थापक अध्यक्ष रवि लामिछाने को कोई चुनौती नहीं दी गई है।

भदौ माह के जेएन जेनरेशन आंदोलन के बाद फागुन में हुए संसदीय चुनाव में करीब दो तिहाई बहुमत हासिल करने वाली पार्टी अब अधिकांश जिला और प्रदेशों में नेतृत्व चुनने के लिए अधिवेशन आयोजित कर रही है।

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