बर्ड फ्लू नेपाल: १२ वर्षों बाद काठमाण्डू उपत्यका पुनः ‘हटस्पॉट’, चिंता जनक स्थिति और बचाव के उपाय
गत चैत महीने में मोरङ में पुष्टि होने के बाद बर्ड फ्लू से नेपाल के लगभग बारह जिले प्रभावित हो चुके हैं, अधिकारियों ने बताया। उनके अनुसार काठमाण्डू उपत्यका वर्तमान में बर्ड फ्लू का ‘हटस्पॉट’ बन चुका है। पशु सेवा विभाग ने जानकारी दी है कि तीन महीनों में देशभर में डेढ़ लाख से अधिक कुक्कुट, दस लाख से अधिक अंडे और दो लाख किलोग्राम से भी ज्यादा दाना नष्ट हो चुका है। इससे पहले, बर्ड फ्लू संक्रमण के कारण वर्ष २०७० में भक्तपुर जिले को संकटग्रस्त घोषित किया गया था। इस बार उपत्यका में इसका संक्रमण अत्यंत गंभीर रूप से पाया गया है।
उपत्यका के ललितपुर जिले में स्थित जावलाखेल का सदर चिड़ियाखाना ५ असार से बाहरी आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है। आसपास कौवे और परिंदों के मृत मिलने के बाद ३० जेष्ठ को चिड़ियाखाने के पक्षियों का परीक्षण किया गया था। राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष की प्रवक्ता रचना शाह ने बताया कि ४ असार को बर्ड फ्लू संक्रमण पुष्टि हुआ। अब तक एक लाटोकोसेरो, एक गिद्ध, सावरी पक्षी और स्तनधारी प्रजातियों में जंगली बिल्ली और लेपर्ड बिल्ली की मौत हो चुकी है।
पशु सेवा विभाग के महानिर्देशक उमेश दाहाल ने काठमाण्डू उपत्यका में बर्ड फ्लू की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा, “काठमाण्डू में अभी तक नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसमें कुछ और दिन लग सकते हैं। हाल के दिनों में परीक्षण किए गए कई नमूनों में से कुछ में ही H5 (एच5) वायरस पाया गया है, इसलिए अब धीरे-धीरे नियंत्रण की उम्मीद है।” इससे पहले वर्ष २०७० में काठमाण्डू में बर्ड फ्लू का बड़ा प्रकोप देखा गया था।
नेपाल में यह बीमारी पहली बार झापा में २०६५/६६ साल में देखी गई थी और उसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कभी-कभी इसका प्रकोप होता रहा है। बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा पक्षियों और कुछ अन्य जीवों में वायरल संक्रमण है, जिसका मुख्य कारण H5N1 वायरस है। मनुष्यों में इसका संक्रमण दुर्लभ ही होता है।