केप वर्ड: एक छोटे राष्ट्र ने विश्व कप के नॉकआउट चरण तक पहुंचने में कैसे हासिल की सफलता
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फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा राष्ट्र बनकर केप वर्ड ने इतिहास रचा है।
अटलांटिक महासागर में फैले 10 द्वीपों से बना यह टीम अंतिम 32 में पूर्व विजेता अर्जेंटीना के सामने प्रतिस्पर्धा का मौका पाई है।
सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित बराबरी के बाद खिलाड़ी मैदान में मोबाइल फोन के आसपास इकट्ठा होकर स्पेन द्वारा उरुग्वे की हार का अंतिम क्षण देख रहे थे। उस परिणाम ने केप वर्ड को समूह ‘एच’ में उपविजेता बना दिया।
ह्यूस्टन से बीबीसी रेडियो फाइव लाइव के कमेंटेटर रॉब ने कहा: “पुरे रंगशाला में गर्व और खुशियों के आंसू दिखे।”
“सभी खिलाड़ी मोबाइल फोन के चारों ओर इकट्ठा हुए थे और अंतिम सीटी बजने का इंतजार कर रहे थे,” उन्होंने कहा।
“सीटी बाजते ही मैदान और दर्शक दीर्घा में भी आंसू बह निकले। क्या अविस्मरणीय पल था, अब तक का विश्व कप का सबसे भावुक क्षण!”
सफलता का मूल कारण
पहले, केप वर्ड ने अपने पहले मैच में स्पेन के खिलाफ गोलरहित बराबरी खेली, जहां 40 वर्षीय गोलकीपर भोजिन्हा हीरो बनकर उभरे। इसके बाद टीम ने दो बार विश्व कप विजेता उरुग्वे के साथ 2-2 की बराबरी हासिल की।
स्पेन के पूर्व विश्व कप विजेता क्वान माटा ने आईटीवी से कहा, “उनकी मेहनत अविश्वसनीय है। यह केवल स्पेन के खिलाफ एक मैच नहीं है, उन्होंने लगातार तीन मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।”
केप वर्ड की आबादी मात्र पांच लाख 25 हजार है, लेकिन इसने पांच बार के अफ्रीकी चैंपियन कैमरून को पीछे छोड़ते हुए विश्व कप में जगह बनाई। आखिर इस छोटे देश ने इतनी बड़ी सफलता कैसे हासिल की?
‘ब्लू शार्क्स’ की सफलता का मुख्य कारण केप वर्ड फुटबॉल संघ की विदेश में रहने वाले केप वर्डेली मूल के खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने का फैसला है।
पूर्व औपनिवेशिक शक्ति पुर्तगाल के साथ केप वर्ड के मजबूत संबंध हैं। पिछली शताब्दी में कई बार आई भीषण सूखे के कारण लोग द्वीप छोड़कर विदेश में स्थायी बसावट वरण कर गए।
समुद्री यात्रा की परंपरा और समुद्री व्यापार में संलग्नता के कारण नीदरलैंड्स के बंदरगाह शहर रॉटरडैम में भी केप वर्डेली मूल के लोगों की बड़ी संख्या रहती है।
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विश्व कप के लिए चुनी गई 26 सदस्यीय टीम में 14 खिलाड़ियों का जन्म विदेश में हुआ है, जिनमें से 6 रॉटरडैम के निवासी हैं।
उनमें से एक फॉरवर्ड डायलोन लिवरामेंटु ने पिछले सीजन पुर्तगाल की प्रीमेरा लीग में कासा पिआ के लिए खेला था। उन्होंने सितंबर में कैमरून के खिलाफ निर्णायक क्वालीफाइंग मैच में विजयी गोल किया था।
केप वर्ड की सांसद जोसिना फोतूस फाव्तूस ने बीबीसी स्पोर्ट अफ्रीका से कहा, “एफसीएफ ने उत्साह, प्रतिबद्धता और तकनीकी योजना के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है।”
“आज जो सफलता दिख रही है वह कई वर्षों की लगातार मेहनत, दृढ़ विश्वास और समर्पित लोगों का परिणाम है।”
2019 में डबलिन में जन्मे सेंट्रल बैक रॉबर्टो लोपेज का लिंक्डइन के जरिए टीम में आना भी चर्चा में है।
पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड विंगर बेबेले पुर्तगाल की यू-21 टीम से खेलकर 2023 के अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में केप वर्ड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
“हमें विश्वास है कि हम विश्व के श्रेष्ठ टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं,” उन्होंने कहा।
“यह विश्वास अचानक नहीं आया, जब मैंने टीम जॉइन की थी तब से ही केप वर्ड को विश्व के बड़े फुटबॉल राष्ट्रों के बराबर लाने की योजना पर काम चल रहा था।”
टीम कोच को श्रेय
केप वर्ड के शानदार प्रदर्शन के पीछे अधिकतर श्रेय कोच बूबिस्ता को जाता है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बूबिस्ता ने जनवरी 2020 से टीम की कमान संभाली है।
स्थिर कोचिंग व्यवस्था ने 56 वर्षीय पूर्व सेंट्रल बैक बूबिस्ता को सुव्यवस्थित और अनुशासित टीम बनाने में मदद की है।
उनके नेतृत्व में केप वर्ड ने मजबूत रक्षा, तकनीकी रूप से सक्षम मिडफील्डर्स और प्रतिभाशाली फॉरवर्ड्स की टीम तैयार की है।
यह टीम अफकोन 2023 में घाना को मात देते हुए और मिस्र के साथ बराबरी खेलकर क्वार्टरफाइनल तक पहुंची थी।
ध्यान देने वाली बात है कि केप वर्ड को इस प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लेने में केवल 10 साल लगे थे।
स्पेन के खिलाफ गोलरहित मुकाबले में अनुभवी गोलकीपर भोजिन्हा ने सात उत्कृष्ट बचाव किए, जिनके लिए टीम उनका आभारी है। लेकिन टीम का अनुशासन भी प्रभावशाली था।
2010 के विश्व कप विजेता स्पेन के खिलाफ ‘ब्लू शार्क्स’ ने केवल एक फाउल खेला, जो 1966 के बाद किसी विश्व कप में सबसे कम है।
डिफेंडर सिडनी लोपेज काब्राल ने कहा, “हम हमेशा इकाई के रूप में प्रशिक्षण और खेलते हैं, इसलिए जो भी खेल में किया वह नया नहीं था।”
“यह हमारी खेल शैली है। हम इसी तरह खेलते हैं, यही हमारी पहचान है। एक टीम और डिफेंडर के रूप में यही हमारा व्यक्तित्व है।”
समूह ‘एच’ के अपने दूसरे मैच में उरुग्वे के खिलाफ केप वर्ड ने आक्रामक और खुले खेल का प्रदर्शन किया। लेकिन टीम ने दृढ़ता भी दिखाई और दूसरे हाफ में बराबरी का गोल कर महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किया।
बूबिस्ता ने कहा, “परिणाम से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की पहचान, ताकत, एकजुटता और संघर्ष दिखाना है।”
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विश्व कप क्वालीफाई करने की सफलता के लिए बूबिस्ता को 2025 में अफ्रीकी फुटबॉल संघ द्वारा अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ कोच का पुरस्कार मिला।
उन्होंने हमेशा दावा किया है कि उनकी टीम विश्व के बेहतरीन राष्ट्रों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में सक्षम है।
अफकोन से पहले 2021 में उन्होंने बीबीसी स्पोर्ट अफ्रीका से कहा था, “हमारा देश छोटा है लेकिन हम बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे लगता है हम भविष्य में विश्व कप में जाएंगे।”
उनकी यह भविष्यवाणी अब सत्य सिद्ध हो गई है और केप वर्ड की सफलता कमजोर टीमों को भी प्रेरित करेगी, बूबिस्ता ने विश्वास जताया।
वे कहते हैं: “म विश्वास करता हूं कि फुटबॉल सभी के लिए है।”
नॉकआउट चरण में अर्जेंटीना से मुकाबला
केप वर्ड शुक्रवार को मियामी में अंतिम 32 के तहत लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना से खेलेगा।
सऊदी अरब के खिलाफ मैच के ‘मैन ऑफ द मैच’ घोषित मिडफील्डर डेरेयू डुआर्टे ने कहा, “इस पर विश्वास करना मुश्किल है, सपना जैसा लग रहा है।”
“पहले हम इस सफलता का जश्न मनाएंगे। हम बहुत खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि सभी केप वर्डेली भी खुश होंगे। कल से अगले मैच पर ध्यान देंगे।”
“अगला मैच अर्जेंटीना के खिलाफ है, बहुत कठिन होगा, लेकिन हम मानते हैं कि फुटबॉल में कुछ भी संभव है।”
पूर्व टोटेनहम, नॉटिंघम फॉरेस्ट, सेल्टिक और ऑस्ट्रेलिया के कोच एनज पोस्टेकोगलू ने आईटीवी से कहा, “यह विश्व कप के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है।”
“अक्सर हम कहते हैं कि फुटबॉल ने दुनिया के सभी कोनों को छुआ है, यह इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।”
“पूर्व विजेता के साथ खेलने का मौका इस कहानी को और खास बनाता है। यह यात्रा कितनी सुंदर रही।”
इंग्लैंड और मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व डिफेंडर गैरी नेविल ने कहा, “विश्व कप का विस्तार सही फैसला नहीं है, ऐसा सोचने वाले अब केप वर्ड के समर्थकों को देखकर अपनी सोच बदल रहे होंगे। क्योंकि यह वास्तव में ऐतिहासिक क्षण है।”
“केवल पांच लाख आबादी वाले छोटे देश का नॉकआउट चरण तक पहुंचना अद्भुत उपलब्धि है। हमने विश्व फुटबॉल के महान राष्ट्रों में से उरुग्वे बाहर होते देखा और सबसे छोटी टीम के रूप में केप वर्ड आगे बढ़ता देखा। उनके लिए यह अविस्मरणीय पल है।”