दाङ टीम ने ११वें राष्ट्रीय हाप्किडो प्रतियोगिता में किया चैंपियनशिप जीत
२१ असार, पोखरा। नेपाल हाप्किडो संघ के आयोजन में पोखरा में संपन्न ११वें राष्ट्रीय हाप्किडो प्रतियोगिता–२०८३ में दाङ टीम ने चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। असार २० और २१ तारीख को आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के ५२ जिलों के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई। दाङ ने ८ स्वर्ण, ४ रजत और ३ कांस्य पदक जीतकर टीम चैंपियन का खिताब सुनिश्चित किया। रूपन्देही ने ५ स्वर्ण और २ कांस्य पदक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि कास्की ३ स्वर्ण, ३ रजत और ३ कांस्य पदक लेकर तीसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत वर्ग में महिला खिलाड़ी कास्की की मैत्री मेग्मा गुरुङ और पुरुष वर्ग में दाङ के उमंग घर्ती मगर को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया। उत्कृष्ट रेफरी के तौर पर महिला वर्ग से बन्दना बस्नेत और पुरुष वर्ग से विशाल थापे को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता नेपाल हाप्किडो संघ के अध्यक्ष काली बहादुर घर्ती मगर ने की। उद्घाटन समारोह में गण्डकी प्रदेश सरकार के कृषि, भूमि व्यवस्था एवं सहकारी मंत्री भीमबहादुर कार्की उपस्थित थे, वहीं समापन समारोह में गण्डकी प्रदेश सरकार के भौतिक पूर्वाधार विकास एवं यातायात व्यवस्था मंत्री गोविन्दबहादुर नेपाली मुख्य अतिथि थे।
समारोह में मुख्य अतिथि गोविन्दबहादुर नेपाली ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को पदक, ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र वितरित करते हुए कहा कि खेल राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा और अनुशासन पर आधारित हाप्किडो खेल के विकास के लिए प्रदेश सरकार सकारात्मक भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में गण्डकी प्रदेश खेलकूद परिषद के बोर्ड सदस्य खिम पुन मगर, नेपाल हाप्किडो संघ की केन्द्रीय कोषाध्यक्ष विजया कुमारी वाइबा, तथा केन्द्रीय सदस्य राजेन्द्र मडै, धनराज गुरुङ व युवराज गुरुङ समेत अन्य उपस्थित थे। अध्यक्ष घर्ती मगर ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोगी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, रेफरी, निर्णायकों, स्वयंसेवकों, जिला हाप्किडो संघ, सुरक्षा एजेंसियों, मीडिया कर्मियों, प्रायोजकों और सहयोगी संस्थानों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हाप्किडो के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए सक्षम खिलाड़ियों के निर्माण के उद्देश्य से संघ निरंतर सक्रिय रहेगा। नेपाल हाप्किडो संघ के अनुसार, इस दो दिवसीय प्रतियोगिता ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, तकनीकी दक्षता के उन्नयन और नेपाली हाप्किडो के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।