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अयुब बुआदी: फ्रांस में जन्मे युवा फुटबॉल स्टार ने मोरक्को चुना, फ्रांस के खिलाफ विश्व कप खेलेंगे

विश्व कप २०२२ के क्वार्टरफाइनल में मोरक्को ने फ्रांस के खिलाफ प्रतिद्वंद्विता की, जहां युवा स्टार अयुब बुआदी के लिए यह मैच उनके फुटबॉल जीवन का सबसे भावनात्मक और ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। २५ असार, काठमाडौं। फ्रांस में जन्मे १८ वर्षीय मिडफील्डर अयुब बुआदी वर्तमान में विश्व फुटबॉल में एक चर्चित नाम बन चुके हैं, जिन्होंने मोरक्को का चयन किया और फ्रांस के खिलाफ खेला। विश्व कप के क्वार्टरफाइनल मुकाबले ने बुआदी के लिए उनकी मातृभूमि मोरक्को के लिए खेलने के फैसले को उनके खेल जीवन में भावनात्मक रूप से गहरा प्रभाव दिया है।

फ्रांस के युवा वर्ग की टीम में स्थान पाने के बाद बुआदी ने अंततः मोरक्को राष्ट्रीय टीम को चुना। सेन्लिस, फ्रांस में जन्मे और फ्रांसीसी क्लब लिल की अकादमी से फुटबॉल करियर शुरू करने वाले बुआदी पहले फ्रांस के विभिन्न युवा वर्गों की टीमों में खेल चुके हैं। १७ वर्ष की उम्र में फ्रांस यू-२१ टीम के कप्तान भी बने, लेकिन सीनियर टीम में अवसर न मिलने के कारण उन्होंने अपने माता-पिता के देश मोरक्को के लिए खेलने का निर्णय लिया।

इस निर्णय ने यूरोपीय और अफ्रीकी फुटबॉल जगत में बड़ी चर्चा पैदा की। फ्रेंच फुटबॉल संघ इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को खोना नहीं चाहता था और उन्होंने बुआदी को फ्रांस की सीनियर टीम के लिए इंतजार करने के लिए प्रोत्साहित किया। विश्व कप के बाद फ्रांस के मुख्य कोच बनने वाले फुटबॉल महान जिनेदिन जिदान ने भी बुआदी से व्यक्तिगत फोन पर बात करके फ्रांस टीम में बने रहने की सलाह दी। जिदान ने उनकी खेल क्षमता की सराहना की लेकिन भविष्य की गारंटी नहीं दे सके। वहीं, मोरक्को के कोच ने विश्व कप के प्रारंभिक ११ में खेलने का आश्वासन दिया, जिससे बुआदी ने अपनी मोरक्को पहचान को प्राथमिकता दी।

विश्व कप में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उनके निर्णय को सही साबित किया है। मोरक्को की इस ऐतिहासिक विश्व कप यात्रा में बुआदी को अपने भाग्य के लिए फ्रांस के खिलाफ खेलना पड़ा, जहां कई लोग उन्हें फ्रांस की नीली जर्सी में खेलते देखना चाहते थे। आगामी बिहीवार को बोस्टन में होने वाला क्वार्टरफाइनल मुकाबला बुआदी के लिए मात्र खेल कौशल का विषय नहीं, बल्कि एक अत्यंत भावनात्मक घटना भी है।