चितवन में आमाछोरा की हत्या के पीछे ‘धुर्बे’ हाथी पर रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी
चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज के अधिकारी पिछले सप्ताह से ‘धुर्बे’ नामक जंगली हाथी की तलाश कर रहे हैं। ‘धुर्बे’ के आक्रमण से भरतपुर महानगरपालिका-२३ बेलहट्टा में आमाछोरे की मृत्यु होने के बाद खोज तेज की गई है, लेकिन अभी तक उक्त हाथी नहीं मिला है, निकुञ्ज ने बताया।
विक्रम संवत २०७० से निकुञ्ज क्षेत्र के आसपास हाथियों के हमले में अब तक लगभग ३० लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से आधे से अधिक मौतें ‘धुर्बे’ हाथी द्वारा ही होने का निकुञ्ज के अधिकारियों का अनुमान है। पहले भी सरकार के निर्देशानुसार ‘धुर्बे’ को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्रोतों और प्रयासों के तहत कार्य किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे।
परंतु इस बार ‘धुर्बे’ की रोकथाम के लिए रेडियो कॉलर लगाने की तैयारी निकुञ्ज द्वारा की गई है।