फीफा विश्व कप 2026 के 10 विवादित फैसले
फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना, फ्रांस, स्पेन और इंग्लैंड ने अपनी जगह पक्की की है। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित इस विश्व कप में इस्तेमाल की गई नई तकनीकों के कारण कुछ निर्णय विवादास्पद रहे हैं। विश्व कप की मुख्य 10 विवादित घटनाओं में मेस्सी के रेड कार्ड का मामला, बालोगुन का निलंबन और VAR के फैसले प्रमुख चर्चा में हैं। 29 असार, काठमांडू।
फीफा विश्व कप 2026 में फिलहाल सेमीफाइनल और फाइनल के मैच बाकी हैं। संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा द्वारा आयोजित इस विश्व कप के सेमीफाइनल में पूर्व विजेता अर्जेंटीना के साथ फ्रांस, स्पेन और इंग्लैंड ने जगह बनाई है। पहली बार 48 देशों ने प्रतिस्पर्धा की इस विश्व कप में इस बार विभिन्न नई तकनीकें अपनाई गई हैं। कुछ तकनीकों ने मैचों को रोमांचक बनाया है जबकि कुछ से विवाद भी उभरे हैं। इस लेख में अब तक के 10 विवादास्पद फैसलों को प्रस्तुत किया गया है।
10. अर्जेंटीना के खिलाफ मिस्र – मिस्र के एक गोल को रद्द किए जाने की घटना। जब मिस्र ने पूर्व विजेता अर्जेंटीना के खिलाफ 2-0 की बढ़त बना ली थी, तो उन्हें इतिहास रचने की उम्मीद थी। लेकिन यह दो गोल की बढ़त ज्यादा दिन तक कायम नहीं रह सकी। 60वें मिनट में जिको ने गोल कर मिस्र को दो गोल की बढ़त दिलाई थी। मैच के रुकने के दौरान गेंद सुनसान हो गई थी, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने दूसरे गोल को रद्द कर दिया। गोल से पहले हुई घटना को आधार मानकर यह फैसला लिया गया था, जिससे मिस्र बेहद असंतुष्ट था। उन्होंने दावा किया था कि अर्जेंटीना ने विजयी गोल से पहले उन्हें पेनाल्टी मिलना चाहिए था। मिस्र ने रेफरी के निर्णय को पक्षपातपूर्ण बताकर फीफा में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई थी। अंततः वह मुकाबला मिस्र 3-2 से हार गया था।