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केन्जो फूलों से सजी तिम्बुङ पोखरी में पर्यटकों की बढ़ती चहलपहल

पाँचथर और ताप्लेजुङ की सीमा पर स्थित तिम्बुङ पोखरी में पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने के साथ ही यहां पर्यटकों की चहलपहल बढ़ने लगी है। समुद्र तल से 3335 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के अनुसार, पर्यटकों के आगमन के कारण यहां के होमस्टे व्यस्त हो रहे हैं और पदयात्रा का शौक रखने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र एक उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। 32 असार, पाँचथर।

तिम्बुङ पोखरी अब फिर से पर्यटकों का मुख्य आकर्षण बन गया है। मानसून के साथ यहां पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने से यह हिमालयी स्थल नई पहचान हासिल कर रहा है। हरियाली से भरे डाँडाकाँड़े, ठंडी हवा, खुले खर्क और हिमालयी जीवनशैली से सजी यह जगह अब प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा गंतव्य बन गई है। यहां आने वाले यात्रियों का प्रकृति खुले दिल से स्वागत करती है। चारों ओर फैले हरे-भरे पहाड़, कुहिरो की छटा, खुले लेकाली खर्क और बीच में स्थित शांत पोखरी इस क्षेत्र के वातावरण को जीवंत बनाते हैं।

तिम्बुङ क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण केन्जो फूल है। पिरामिड आकार के ये फूल पहाड़ों को रंगीन कर देते हैं। इनके खिलने के साथ ही तिम्बुङ का घूमने का मुख्य मौसम भी शुरू हो जाता है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के मुताबिक, नेपाल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ भारत के सिक्किम से भी पर्यटकों का आना लगातार जारी है। तिम्बुङ की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है और हर साल नए पर्यटक यहां आते हैं। तिम्बुङ केवल प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और परंपरा का भी केन्द्र है। स्थानीय समुदाय यहां पोखरी में पूजा–आराधना की परंपरा आज भी कायम रखे हुए हैं।

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