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सोनम वाङ्चुक ने अनशन तोड़ने के लिए भारत सरकार से रखी ये मांगें

सोनम वाङ्चुक ने सरकार द्वारा स्पष्ट आश्वासन मिलने पर अनशन तोड़ने के लिए तैयार होने की बात पत्र के माध्यम से बताई है। उन्होंने परीक्षा पेपर लीक मामले में जिम्मेदारों को जवाबदेह बनाने और पीड़ित परिवारों को उचित क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। निट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

सोनम वाङ्चुक ने पत्र में लिखा है कि यदि सरकार से स्पष्ट आश्वासन मिलेगा तो वे स्वयं अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की है, ‘सरकार से आश्वासन मिलने के बाद मैं सभी शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों से आग्रह करूंगा कि इस समय के लिए आंदोलन स्थगित करें और सरकार के साथ संवाद शुरू करें।’ जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘कल रात अस्पताल में आपसे मिलने एवं अनशन तोड़ने का आग्रह करने के लिए धन्यवाद। बातचीत के दौरान आपने मुझसे सरकार द्वारा निम्नलिखित सकारात्मक कदम उठाए जाने का भरोसा दिलाया।’

पत्र में आगे उल्लेख है, ‘परीक्षा पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित क्षतिपूर्ति दी जाएगी। संसद में पारदर्शी चर्चा कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। इसमें माननीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी विचार किया जाएगा।’ सोनम ने लिखा है, ‘यदि सरकार ऐसा आश्वासन देती है तो मैं पूर्ण विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर दूंगा। सरकार मेरी ही नहीं, लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं का भी सम्मान करती है। लेकिन अगर ऐसे आश्वासन नहीं मिलते तो मैं अनिश्चित काल तक अनशन जारी रखने के लिए बाध्य होऊंगा।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि आंदोलन दबाने के लिए पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।’ निट पेपर लीक मामले पर कक्रोच जनता पार्टी जनतर-मंच पर प्रदर्शन कर रही है, जो शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर सोनम वाङ्चुक 28 जून से अनशन पर हैं।