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सऊदी अरब और अमेरिका के परमाणु समझौते ने बढ़ाए सुरक्षा चिंताएं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और सऊदी नेता मोहम्मद बिन सलमान

तस्बीर स्रोत, EPA/Shutterstock

अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुआ यह समझौता उस देश को गैर-सैन्य परमाणु कार्यक्रम विकसित करने में सहयोग देने का लक्ष्य रखता है।

इस समझौते को “शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौता” कहा गया है और अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया कि यह “अमेरिकी कंपनियों को सऊदी के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक पहुंच देगा।”

समझौते के विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह सऊदी अरब को भविष्य में युरेनियम संसाधित करने की अनुमति दे सकता है, जिससे न केवल परमाणु ऊर्जा उत्पादन बल्कि संभावित रूप में परमाणु हथियार निर्माण की चिंता बढ़ती है।

समझौता क्या करता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा किया यह समझौता मध्य पूर्व क्षेत्र में अस्थिरता और परमाणु प्रसार के खतरे को और बढ़ाएगा।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बताया कि इस सहयोग समझौते के साथ-साथ द्विपक्षीय सुरक्षा समझौता भी हुआ है।