
कक्रोच जनता पार्टी: भारत के युवाओं के आंदोलन पर नेपाल के जेन जि ने कैसे नजर रखी है?
नेपाल के जेन जि अभियानकर्मियों ने भारत में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को जवाबदेही की मांग और सुशासन की प्रतीक्षा के रूप में व्यापक रूप से समझा है। कक्रोच जनता पार्टी के नेतृत्व में राजधानी दिल्ली से शुरू हुए प्रदर्शन भारत के विभिन्न राज्यां में फैलने लगे हैं। नेपाल में पिछले वर्ष हुए जेन जि आंदोलन के सहभागी इन युवाओं के आंदोलन को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे हैं और भारत सरकार को स्थिति को बिगड़ने नहीं देना चाहिए बल्कि आंदोलनकारी पक्ष को वार्तालाप के लिए आमंत्रित कर उनके जायज मांगों को पूरा करना चाहिए।
कई लोगों ने कहा कि भारत में हो रहे प्रदर्शन ने पिछले वर्ष भदौ में नेपाल में हुए जेन जि आंदोलन की याद दिलाई है। एक टिप्पणीकार ने कहा कि भारत और नेपाल के युवाओं के राजनीतिक जागरूकता में भिन्नता है और नेपाली युवाओं को अन्य देशों के आंदोलनों के प्रति अनावश्यक रूप से सक्रिय होने से बचना चाहिए। नेपाल जेन जि फ्रंट की संयोजक रक्षा बम ने इस पर बातचीत में कहा कि परिवर्तन के लिए युवाओं ने ‘अपना हिस्सा का विद्रोह’ भारत में भी दिखाया है। उन्होंने कहा, “नीट के प्रश्नपत्र लीक होना अंततः सुशासन से जुड़ा मामला है। हमारे पड़ोस में कुछ तानाशाही प्रवृत्तियां बढ़ती महसूस हो रही हैं। युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आए हैं। हमारी पीढ़ी ने अपना हिस्सा का विद्रोह भारत में भी किया है।”
रक्षा बम ने कहा कि युवाओं की मांगें सामान्य हैं और इस आंदोलन को इतनी आसानी से समाप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, और शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर ‘लाठीचार्ज’ किया जाना निराशाजनक है। दिल्ली में जन्तरमंतर से संसद भवन तक युवाओं ने मार्च करने की घोषणा की थी, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए और सुरक्षा कर्मियों ने अश्रुगैस व लाठीचार्ज किया। आंदोलन स्थल से प्राप्त तस्वीरें और वीडियो फुटेज देखकर वे पिछले वर्ष के आंदोलन और बाद में हुई अराजकता को याद कर रही थीं।