
परमाणु स्तर पर होने वाले रासायनिक बदलावों का प्रत्यक्ष अवलोकन अल्ट्राफास्ट एक्स-रे के माध्यम से
वैज्ञानिकों ने अणु द्वारा प्रकाश अवशोषित करने के बाद ऊर्जा के प्रसारण की सूक्ष्म प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया है। यूरोपीय एक्सएफईएल की तीव्र एक्स-रे फ्लैश तकनीक का उपयोग करके, अणु के आंतरिक ऊर्जा उत्सर्जन और पुनःवितरण में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया गया है। यह तकनीक डीएनए की प्रकाश-संवेदनशील प्रतिक्रियाओं को समझने और ऊर्जा संचयन सामग्री की कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। १४ साउन, काठमाडौं।
वैज्ञानिकों ने यह भेद किया है कि किसी अणु द्वारा प्रकाश अवशोषित करने के बाद उसमें ऊर्जा कैसे प्रसारित होती है। इस प्रक्रिया में विभिन्न परमाणु अपने रूपांतरण के विभिन्न चरण प्रस्तुत करते हैं। शोधकर्ताओं ने अणु की ऊर्जा उत्सर्जन और पुनःवितरण में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तन का विश्लेषण किया है। प्रकाश के संपर्क में आने पर किसी भी परमाणु की छिमेकी परमाणुओं की गति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
यह खोज परमाणु स्तर पर होने वाली अत्यंत तीव्र रासायनिक प्रतिक्रियाओं को वास्तविक समय में अध्ययन करने का अवसर प्रदान करती है। शोधकर्ताओं ने ३-फ्लोरोपाइरिडिन नामक एक छोटे चक्राकार अणु का अध्ययन किया। इस अणु में नाइट्रोजन और फ्लोरीन दोनों प्रकार के परमाणु होते हैं। जब यह अणु अल्ट्रावायलेट लेजर पल्स से ऊर्जा अवशोषित करता है, तो इसके इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्थिति में पहुँच जाते हैं। इसके बाद अणु अपनी समतलीय संरचना से तेजी से विचलित हो जाता है।
जब अणु अपनी मूल अवस्था में लौटता है, तो अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा कंपनों का रूप लेती है और अणु की संरचना में फैल जाती है। इस प्रयोग से प्राप्त संकेतों के विश्लेषण और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक तथा संरचनात्मक परिवर्तनों से जोड़ने के लिए उन्नत कंप्यूटर सिमुलेशन और सैद्धांतिक मॉडलों का उपयोग किया गया। यूरोपीय एक्सएफईएल में उपलब्ध अत्यंत संक्षिप्त और तीव्र चमक वाले एक्स-रे पल्स ने पदार्थ में होने वाली तीव्र गतियों को अलग-अलग रूप से दर्शाने की क्षमता को सिद्ध किया है।