
तराई में हिंसात्मक घटनाओं में बाल संरक्षण सुनिश्चित करने की सिजप की मांग
१५ साउन, काठमांडू। तराई के विभिन्न जिलों में हुई हिंसात्मक घटनाओं के बाद बालशांति क्षेत्र राष्ट्रीय अभियान (सिजप) ने बालाधिकार सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है। बालबालकों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार, राजनीतिक दलों और सम्बंधित पक्षों से अनुरोध किया गया है।
सिजप ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें सिराहा में हुई झड़प के दौरान एक किशोर की गोली लगने से मृत्यु पर दुःख व्यक्त किया गया है। हिंसात्मक घटनाओं में बालबालकों का अग्रिम पंक्ति में रहना चिंता का विषय बताया गया है। कर्फ्यू और निषेधाज्ञा के दौरान बच्चों को घर के अंदर सुरक्षित रखने और विशेष सतर्कता बरतने के लिए अभिभावकों से अपील की गई है।
बच्चों को हिंसा, संघर्ष और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने तथा घटनाओं की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही, हिंसात्मक घटनाओं से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को मनोसमाजिक परामर्श, आवश्यक सुरक्षा और अन्य सहायता प्रदान करने का आग्रह किया गया है। अभियान के अध्यक्ष तिलोत्तम पौडेल ने कहा है कि विद्यालय, सार्वजनिक स्थान और समुदायों को बच्चों के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण क्षेत्र बनाए रखना सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बाल अधिकारों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए संयम, संवाद और शांति पूर्ण उपाय अपनाने की सभी पक्षों से अपील की है।