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अमेरिका ने आप्रवासी वीजा के लिए सार्वजनिक सहायता से जुड़ा जमानत विकल्प लागू किया

अमेरिका ने आप्रवासी वीजा के लिए सार्वजनिक सहायता से जुड़ी ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ जमानत प्रक्रिया पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ सीमित मामलों में शुरू की है। यह प्रावधान आर्थिक रूप से सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना वाले, लेकिन अन्य कानूनी मानदंड पूरे करने वाले आवेदकों के लिए लक्षित है। आधिकारिक सूचना आने तक आवेदकों को स्वयं जमानत राशि भेजने की आवश्यकता नहीं है और यह प्रक्रिया स्थायी निवास से संबंधित है, पर्यटक वीजा के लिए नहीं। २१ साउन, काठमाडौं।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने कुछ आप्रवासी वीजा आवेदकों के लिए ‘पब्लिक चार्ज बॉन्ड’ यानी सार्वजनिक सहायता संबंधी जमानत प्रक्रिया लागू करना शुरू कर दिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि अब अमेरिका जाने वाले सभी को बहुत बड़ी जमानत जमा करनी होगी। यह नियम पर्यटक, विद्यार्थी या सभी प्रकार के वीजा पर स्वतः लागू नहीं होगा। यह व्यवस्था केवल उन सीमित आवेदकों के लिए है, जिनका आप्रवासी वीजा अमेरिकी सरकार के आर्थिक बोझ बनने का जोखिम माना जाता है, लेकिन वे अन्य कानूनी पात्रता पूरी करते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस स्थिति में निश्चित राशि की जमानत देकर वीजा प्राप्त करने का एक और अवसर प्रदान करने की बात कही है। ‘पब्लिक चार्ज’ का क्या अर्थ है? अमेरिकी आव्रजन कानून में ‘पब्लिक चार्ज’ से तात्पर्य उन व्यक्तियों से है, जो भविष्य में अपने जीवनयापन के लिए सरकारी नकद सहायता या दीर्घकालीन संस्थागत देखभाल पर निर्भर होंगे। वीजा या स्थायी निवास के आवेदन का मूल्यांकन करते समय उम्र, स्वास्थ्य, पारिवारिक स्थिति, आय, संपत्ति, शिक्षा, कौशल और आर्थिक सहायता क्षमता सहित कई पहलुओं का समग्र मूल्यांकन किया जाता है। वर्तमान नीति के अनुसार सरकारी नकद सहायता, दीर्घकालीन नर्सिंग और संस्थागत देखभाल को ‘पब्लिक चार्ज’ माना जाता है, जबकि खाद्य सहायता, स्कूल भोजन, आपदा राहत, किराए की सहायता या अधिकांश गैर-नकद सेवाएं स्वचालित रूप से इसमें शामिल नहीं हैं।