
कोलम्बिया में मृतकों की संख्या १३२ हुई, सैकड़ों अभी भी लापता
समाचार सारांश
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- कोलम्बिया में पिछले 7.4 मैग्नीट्यूड के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 132 लोगों की मौत हो गई है और 570 से अधिक घायल हुए हैं।
- राष्ट्रपति अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने देश में आपातकाल घोषित कर भग्नावशेष में फंसे लोगों के उद्धार को प्राथमिकता देने की बात कही है।
- इस सदी के सबसे शक्तिशाली माने जाने वाले इस भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल, फ्रांस समेत अन्य देशों ने सहायता का भरोसा दिया है।
26 साउन, काठमांडू। कोलम्बिया में आए 7.4 मैग्नीट्यूड के शक्तिशाली भूकंप के कारण कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं।
सरकार ने शुरुआत में 111 मौतें और 87 घायल होने की सूचना दी थी, लेकिन कोलम्बियन एसोसिएशन ऑफ कैपिटल सिटीज के अनुसार मृतकों की संख्या 132 तक पहुंच गई है और 570 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
कोलम्बियन जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक सोमवार को आया यह भूकंप इस सदी का कोलम्बिया में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इसने पश्चिमी कोलम्बिया के काली, पेरेइरा, क्विब्दो और मानिजाल्स जैसे शहरों में भारी क्षति पहुंचाई है। भूकंप के झटके पड़ोसी इक्वाडोर और पनामा तक महसूस किए गए।
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र बिंदु राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम, चोको क्षेत्र के सान होसे डेल पालमार में था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी।
भूकंप के बाद कुछ घंटों में कम से कम 21 आफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए।
आपातकाल की घोषणा, बचाव कार्य जारी
अलजजीरा के अनुसार इमारतों के भग्नावशेषों में फंसे लोगों की खोज जारी है। बचावकर्मी कंक्रीट के बड़े टुकड़े और अन्य मलबे को हाथों से हटाकर लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक काली में कम से कम 20 इमारतें पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं जबकि 380 इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इन ध्वस्त इमारतों में कई लोग फंसे हो सकते हैं।
राष्ट्रपति अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला ने सोमवार दोपहर एक राष्ट्रीय संबोधन में पूरे देश में आपातकाल की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय सरकार ने जीवन की रक्षा करने, प्रभावित समुदायों की मदद करने और जरूरत के स्थानों पर राहत पहुंचाने के लिए सभी संसाधन सक्रिय कर दिए हैं।”
कुछ दिन पहले ही एस्प्रिएला कोलम्बिया के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण किए थे। यह उनकी सरकार के लिए पहला बड़ा संकट है।
उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों के बचाव को सरकार की प्राथमिकता दी जा रही है।
कोलम्बिया के प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्र रिसाराल्डा में ही कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है, स्थानीय अधिकारियों ने बताया। क्षेत्रीय राजधानी पेरेइरा में भी भारी नुकसान हुआ है।
भाये डेल काउका क्षेत्र में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।
भूकंप के केंद्र के पास स्थित चोको क्षेत्र में संचार सेवा बाधित होने के कारण क्षति का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है। वहां कई ऐसे इलाके हैं जहां वर्षों से मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं है।
चोको की गवर्नर नुबिया कैरोलिना कॉरडोबा ने बताया कि इस क्षेत्र में 12 लोगों की मृत्यु और 84 घायल होने का अनुमान है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
लापता लोगों की संख्या बढ़ रही है
सोमवार दोपहर तक लोग अपने लापता परिवार के सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन डेटाबेस में दर्ज करने लगे थे। एक डिजिटल डेटाबेस में ही 1400 से अधिक लोग लापता बताये गए थे, जिनमें से अधिकांश काली और पेरेइरा के निवासी हैं।
पेरेइरा में हवाई अड्डे की छत का एक हिस्सा गिरने का वीडियो सामने आया है। भूकंप के बाद यात्री भयभीत होकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं। वहां चार मंजिला एक इमारत भी टूट गई है।
पेरेइरा के मेयर मॉरिसियो सालाजार के अनुसार शहर में कम से कम 15 इमारतें ढह चुकी हैं, जिनमें लोग फंसे होने का अनुमान है।

नजदीकी मानिजाल्स में शहर की प्रसिद्ध नव-गोथिक शैली की कैथेड्रल के एक हिस्से का टॉवर गिर गया है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि टॉवर का मलबा सड़क पर गिरा हुआ है।
भूकंप के बाद कोलम्बिया की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने पश्चिमी क्षेत्र के कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों को स्थगित कर दिया है। पेरेइरा, मानिजाल्स, क्विब्दो, आर्मेनिया, कार्तागो और बुएनाभेंटुरा हवाई अड्डों पर तकनीकी निरीक्षण जारी है।
इस सदी का सबसे शक्तिशाली भूकंप
प्रशांत महासागर के भूकंपीय क्षेत्र में स्थित कोलम्बिया में अक्सर छोटे भूकंप आते रहते हैं, लेकिन 6 मैग्नीट्यूड से ऊपर के भूकंप दुर्लभ हैं।
1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 मैग्नीट्यूड के भूकंप में 1100 से अधिक लोग मारे गए थे।
कोलम्बियन जियोलॉजिकल सर्विस के अनुसार सोमवार का भूकंप इस सदी में कोलम्बिया में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की भूकंप विज्ञान विशेषज्ञ सूजानवान डर लिका बताती हैं कि भूकंप की बड़ी मैग्नीट्यूड, जमीन के भीतर की गहराई और ‘स्ट्राइक-स्लिप’ प्रकृति के कारण जनसंख्या घने क्षेत्र में नुकसान ज्यादा हो सकता है।
‘यह भूकंप पृथ्वी की बहुत गहराई में हुआ था। सामान्यतः ऐसे मामले में भूकंप का कंपन कम होना चाहिए, पर इसकी मैग्नीट्यूड इतनी ज्यादा थी कि बहुत ही जोरदार कंपन हुआ,’ उन्होंने रॉयटर्स को बताया।
अमेरिका समेत कई देशों ने मदद का आश्वासन दिया
भूकंप के बाद अमेरिका ने कोलम्बिया को आपातकालीन मदद देने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने आपातकालीन आश्रय, खाद्य सामग्री और बचाव कार्य के लिए 1 करोड़ 55 लाख डॉलर सहायता का ऐलान किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वे कोलम्बिया में आए शक्तिशाली भूकंप की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और कोलम्बियाई लोगों की मदद के लिए तैयार हैं।
लैटिन अमेरिकी देशों ने भी मदद का आश्वासन दिया है। अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुके और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया सेइनबॉम ने कोलम्बिया को तत्काल सहायता देने की बात कही है।
चिली के राष्ट्रपति होसे एंटोनियो कास्ट ने भी भूकंप प्रभावित कोलम्बिया को मदद देने का वचन दिया है। उन्होंने कहा कि चिली को भूकंप के बाद के दर्द और चुनौतियों की अच्छी समझ है।
इज़राइल, इक्वाडोर और फ्रांस ने भी कोलम्बिया को बचाव एवं राहत कार्यों में मदद करने का प्रस्ताव रखा है।