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५ सेकंड में शून्य से ८०० किलोमीटर प्रति घंटे की गति प्राप्त – चीन की म्याग्लेभ ट्रेन ने अपने ही विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा

समाचार सारांश

OK AI द्वारा उत्पादित। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • चीन की प्रयोगात्मक म्याग्लेभ ट्रेन ने ५.३ सेकंड में शून्य से ८०० किलोमीटर प्रति घंटे की गति प्राप्त कर अपने ही विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा है।
  • चुंबकीय शक्ति के उपयोग से घर्षण रहित चलने वाली इस ट्रेन ने परीक्षण के दौरान २०० मीटर की दूरी में सुरक्षित रूप से ब्रेक लगाने में सफलता पाई है।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में रॉकेट लॉन्च प्रणाली और अति-उच्च गति की परिवहन अवसंरचना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

२८ साउन, काठमांडू। चीन की एक प्रयोगात्मक बुलेट ट्रेन ने लगभग ५ सेकंड में शून्य से ८०० किलोमीटर प्रति घंटे की गति प्राप्त करके एक नया विश्व कीर्तिमान बनाया है। इसने अति-उच्च गति के परिवहन के लिए नए रास्ते खोलने की संभावना दर्शाई है।

हुबेई प्रांत के डोंघू प्रयोगशाला में बनी १ किलोमीटर लंबी परीक्षण पटरी पर इस भारी म्याग्लेभ ट्रेन ने सिर्फ ५.३ सेकंड में ८०० किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की।

म्याग्लेभ ट्रेनें चुंबकीय शक्तियों का इस्तेमाल कर ट्रेन को ट्रैक से थोडा ऊपर उठाती हैं, जिससे घर्षण पूरी तरह से समाप्त हो जाता है। इसके अलावा, ट्रैक के आसपास स्थापित कुंडल द्वारा उत्पन्न चुंबकीय तरंगें गाड़ी को आगे बढ़ाने का कार्य करती हैं।

चीन के शोधकर्ताओं ने दिखाया है कि यह ट्रेन न केवल चरम गति तक पहुंच सकती है, बल्कि इसकी ब्रेकिंग प्रणाली द्वारा नियंत्रित तरीके से रुकना भी संभव है।

शून्य से ८०० किलोमीटर प्रति घंटे की गति के बाद, यह ट्रेन लगभग २०० मीटर की दूरी तय करते हुए धीरे-धीरे और सुरक्षित रूप से रुक गई। यह छह महीने के भीतर म्याग्लेभ एक्सेलेरेशन ट्रेन द्वारा तीसरी बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की घटना है।

इस ट्रेन का वजन १.१ टन है और इसका पहला परीक्षण इस वर्ष जून में किया गया था, जब इसने ७ सेकंड में लगभग ६५० किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ रिकॉर्ड बनाया था।

आगे के परीक्षणों में इस म्याग्लेभ ट्रेन ने समय को उल्लेखनीय रूप से घटाते हुए लगभग ७०० और ७९८ किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल कर अपने ही रिकॉर्ड को दोहराया।

चीन के राष्ट्रीय प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, प्रत्येक परीक्षण ने शोधकर्ताओं को उच्च शक्ति वाली ऊर्जा प्रवाह, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रॉपल्सन, उच्च गति की लेविटेशन नियंत्रण और आपातकालीन ब्रेकिंग जैसी प्रणालियों को उनकी अधिकतम क्षमता पर देखने का मौका दिया।

वर्तमान में चीन और जापान में संचालित म्याग्लेभ ट्रेनें लगभग ३२० किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती हैं। विश्व की सबसे तेज व्यावसायिक म्याग्लेभ ट्रेन चीन की फुसिंग रेल है, जो ३५० किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती है।

चीन की राष्ट्रीय रक्षा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता भी अति-उच्च गति वाली म्याग्लेभ ट्रेनें विकसित कर रहे हैं, जिनका एक परीक्षण सिर्फ २ सेकंड में ६९७ किलोमीटर प्रति घंटे की एक्सेलेरेशन हासिल करने में सक्षम था।

हालांकि यह तकनीक अभी सामान्य लोगों के संचालन के लिए नहीं है, पर इसके मूल सिद्धांत अंततः रॉकेट और लड़ाकू विमानों के लॉन्च सिस्टम विकसित करने में सहायक होंगे।

चीन के वैज्ञानिक कम दबाव (लो-प्रेशर) या वैक्यूम ट्यूब में ट्रेनें संचालित करने के लिए इस उच्च गति वाली म्याग्लेभ तकनीक का विकास कर रहे हैं।

फिर भी, इन तकनीकों को अभी भी आधारभूत ढांचे की लागत, यात्रियों की सुरक्षा, और लंबी दूरी के ट्रैक की सटीकता जैसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

(स्रोत: इंडिपेंडेंट)