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अल निनो से समुद्र सतह में वृद्धि, 2026 में फिर से चिंता का विषय

समाचार सारांश समीक्षा किए गए आंकड़ों पर आधारित है। जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन ने 2014–16 और 2023–24 के शक्तिशाली अल निनो घटनाओं के कारण समुद्र की सतह में हुई वृद्धि का तुलनात्मक विश्लेषण किया है। 2023–24 का अल निनो कम समय में विकसित हुआ था, लेकिन इसने समुद्र सतह की वृद्धि को तेज कर दिया और तटीय क्षेत्रों में बड़े पर्यावरणीय दबाव को जन्म दिया। वैज्ञानिकों ने 2026 में सदियों में सबसे शक्तिशाली अल निनो की संभावित वापसी का पूर्वानुमान जताया है, जो वैश्विक तापमान और समुद्री सतह पर और भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है। 31 साउन, काठमाडौं।

अल निनो और ला निनो विश्व के मौसम तथा जलवायु को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण प्राकृतिक घटनाएँ हैं। अल निनो के दौरान प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र का पानी सामान्य से अधिक गर्म होता है, जबकि ला निनो में वही क्षेत्र सामान्य से अधिक ठंडा होता है। ये घटनाएँ समुद्र के तापमान के साथ-साथ वैश्विक तापमान, वर्षा और समुद्री सतह की वृद्धि पर भी प्रभाव डालती हैं। जर्नल ऑफ जियोफिजिकल रिसर्च: ओशन्स में प्रकाशित इस नए शोध में 2014–16 और 2023–24 में हुई दो शक्तिशाली अल निनो घटनाओं का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि दोनों घटनाओं में विश्व की औसत समुद्र सतह में वृद्धि हुई है, हालांकि इस वृद्धि के कारण और विभिन्न क्षेत्रों के योगदान में भिन्नताएँ देखी गई हैं।

2023–24 में समुद्र सतह में तेजी से वृद्धि हुई है। अध्ययन के अनुसार, 2014–16 के अल निनो के दौरान विश्व की औसत समुद्र सतह लगभग 9.16 मिलीमीटर बढ़ी थी, जबकि 2023–24 में यह लगभग 7.70 मिलीमीटर बढ़ी है। पहली नज़र में 9.16 मिलीमीटर की वृद्धि अधिक प्रतीत होती है, लेकिन 2023–24 का अल निनो तुलनात्मक रूप से कम समय में विकसित हुआ, जिससे समुद्र सतह की वृद्धि की गति बहुत तेज थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र सतह की तेज वृद्धि तटीय क्षेत्रों पर दबाव में तेज बढ़ोतरी का कारण बन सकती है।