
नेपाल में भुगतान सेवा प्रदान करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए रास्ता खुलेगा
सरकार ने भुगतान तथा राफसाफ अधिनियम २०७५ में संशोधन करते हुए पेपाल, वीज़ा और मास्टरकार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को नेपाल में अनुमति देने हेतु विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो नेपाली भुगतान प्रणाली में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, कारोबार शुल्क कम होंगे और ग्राहक उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्राप्त कर पाएंगे, ऐसा नेपाल राष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने बताया है। यह विधेयक विदेशी कंपनियों के लिए आवेदन प्रक्रिया, डिजिटल वित्तीय सेवा, परीक्षण सेवा, तरलता सुविधा और विवाद समाधान समिति सहित विभिन्न प्रावधानों का प्रस्ताव करता है। १८ भदौ, काठमांडू।
सरकार ने भुगतान सेवाएं प्रदान करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को नेपाल में अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अर्थ मंत्रालय ने गुरुवार को भुगतान तथा राफसाफ अधिनियम २०७५ में संशोधन के साथ यह विधेयक संसद में दायर कर दिया है। इस विधेयक के अनुसार, भुगतान सेवा देने वाली विदेशी कंपनियां नेपाल में काम करने के लिए अनुमति प्राप्त कर सकती हैं। यदि विधेयक बिना संशोधन के पारित हो जाता है, तो पेपाल, वीज़ा, मास्टरकार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय भुगतान संस्थाएं भी नेपाल में सेवा संचालित कर सकेंगी, राष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के नेपाल आने से भुगतान प्रणाली में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक कम शुल्क में बेहतर सेवा का लाभ उठा सकेंगे। केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा, ‘नेपाल से वस्तुएं बेचने और फ्रीलांसिंग करने वाले अब पेपाल के माध्यम से भुगतान प्राप्त कर पाएंगे,’ जो वर्तमान में एक समस्या रही है। विधेयक में राष्ट्रीय भुगतान बोर्ड के विज्ञ संचालकों के लिए न्यूनतम स्नातकोत्तर स्तर की योग्यता निर्धारित की गई है, जिसमें आर्थिक, मौद्रिक, वित्तीय, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी या वाणिज्य कानून के क्षेत्र में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा।