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पुटिन और ट्रम्प के वार्ताकारों के बीच तीन घंटे तक बंद कमरे में बैठक, प्रमुख चर्चा बिंदु

युक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकफ और जैरेड कुशनर ने शनिवार को मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन से वार्ता की। पुटिन ने अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ संपर्क को उपयोगी बताते हुए ट्रम्प के शांति प्रयास के लिए धन्यवाद दिया। युक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ संवाद की जानकारी देते हुए बैठक में शामिल शहरों में हवाई आक्रमण रोकने के लिए युक्रेन की तत्परता व्यक्त की। 21 भाद्र, काठमांडू।

युक्रेन में चल रहे द्वंद्व को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने कूटनीतिक प्रयासों को फिर से तेज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रमुख वार्ताकार स्टीव विटकफ और जैरेड कुशनर ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन से मास्को में मुलाकात की। क्रेमलिन द्वारा जारी किए गए वीडियो फुटेज में वे पुटिन का अभिवादन करते हुए दिखे। इस वार्ता में पुटिन ने युद्ध की वर्तमान स्थिति को “इतनी सरल नहीं” बताया।

पुटिन ने कहा कि रूस स्थिति को कैसे देखता है, उसकी व्याख्या करेगा। विटकफ ने युक्रेन के साथ तीन दिनों के लिए एक-दूसरे की राजधानी में हवाई आक्रमण रोकने की सहमति पर पुटिन को धन्यवाद दिया। अमेरिकी वार्ताकारों ने रविवार को आगे की वार्ता के लिए युक्रेन की राजधानी कीव जाने का कार्यक्रम बनाया है। शनिवार को क्रेमलिन में हुई बैठक के दौरान पुटिन ने अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ संपर्क को महत्वपूर्ण बताया और ट्रम्प के शांति प्रयास के लिए धन्यवाद करते हुए अमेरिकी वार्ताकारों के साथ काम करने में सहजता जताई।

रूसी सरकारी मीडिया के अनुसार, पुटिन के आधिकारिक आवास में बंद कमरे में हुई वार्ता लगभग तीन घंटे तक चली। युक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार को सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि से संवाद किया है। उनके अनुसार अमेरिकी प्रतिनिधि शनिवार से ही रूसी पक्ष के साथ वार्ता शुरू कर चुके हैं। जेलेंस्की ने कहा कि बैठक में शामिल शहरों में हवाई हमले रोकने के लिए युक्रेन तैयार है। इस समय रूस और युक्रेन के बीच युद्ध समाप्ति के लिए अमेरिकी मध्यस्थता में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज हुई हैं। फिर भी, युद्धविराम, क्षेत्रीय विवाद और दोनों पक्षों की सुरक्षा चिंताओं के समाधान में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।