
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद विमानस्थल पर 1 लाख 70 हजार से ज्यादा यात्री फंसे
२२ भाद्र, काठमांडू। इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण आठ विमानस्थलों पर करीब 1 लाख 70 हजार से अधिक यात्री फंसे हुए हैं। ज्वालामुखी की राख के चलते इन विमानस्थलों से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। रविवार की सुबह राजधानी जकार्ता स्थित सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल सबसे पहले बंद किया गया था। विमानस्थल के आस-पास के हवाई क्षेत्र में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी की राख दिखने पर यह निर्णय लिया गया था।
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय के अनुसार 1,558 उड़ानें देरी का सामना कर रही हैं। विमानस्थलों को स्थानीय समयानुसार सोमवार सुबह 9 बजे तक बंद रहने की सूचना दी गई है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा है कि ज्वालामुखी विस्फोट शुक्रवार की देर रात से शुरू हुआ था। उसके बाद आसपास के क्षेत्रों में लगातार भूकंपीय गतिविधियां जारी रहीं और लावा के फव्वारे तथा शक्तिशाली विस्फोटों की आवाजें भी सुनाई दीं। रविवार की सुबह जल्द ही दो और विस्फोट हुए। परिवहन मंत्रालय ने बताया कि उड़ान संचालन ठप होने से विशेष रूप से सिंगापुर आने-जाने वाली उड़ानों पर प्रभाव पड़ा है। इसी तरह से दोहा, सिडनी और क्वालालंपुर सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं।