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इरान ने दक्षिण कोरिया को अमेरिकी अभियान में शामिल न होने की चेतावनी दी

२२ भदौ, तेहरान (रासस/एएफपी) — इरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को दक्षिण कोरिया को होर्मुज जलसन्धि में अमेरिकी अभियान में सैन्य उपस्थिति या भागीदारी नहीं देने की चेतावनी जारी की है। इरान ने कहा कि ऐसा कदम ‘‘गंभीर परिणाम’’ ला सकता है। दक्षिण कोरिया ने शुक्रवार को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलसन्धि में अमेरिकी सुरक्षा प्रयासों के सहयोग पर विचार कर रहा था।

फरवरी २८ को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से इरान ने इस क्षेत्र में व्यापक नियंत्रण बनाए रखा है। सोल ने अपनी सैन्य तत्परता पर कोई प्रभाव न पड़ने की शर्त पर संभावित भागीदारी पर विचार कर रहा है, लेकिन इस विषय में अभी कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया है, यह भी स्पष्ट किया गया है। इरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकायी ने सोमवार को दक्षिण कोरिया से अमेरिकी दबाव और धमकी का सामना न करने का आग्रह किया।

“फारसी की खाड़ी या होर्मुज जलसन्धि में किसी अन्य देश की सैन्य उपस्थिति या अभियान में भाग लेने वाले को आक्रामक पक्ष का प्रत्यक्ष समर्थन करने वाला माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे,” उन्होंने सामाजिक नेटवर्क ‘एक्स’ पर लिखा। अप्रैल में हुए युद्धविराम ने प्रारंभिक तीव्र बमबारी को तो रोका है, लेकिन इरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलसन्धि तथा आसपास के क्षेत्रों में तनाव और गोलीबारी जारी है।

सामान्य स्थिति में विश्व का लगभग २० प्रतिशत तेल तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) इसी जलसन्धि के माध्यम से परिवाहित होता है। युद्ध शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर जहाजों की आवागमन लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। इरान ने इस जलसन्धि के माध्यम से गुजरने वाले जहाजों को अपनी अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। वाशिंगटन समेत क्षेत्रीय कई देशों ने इसका विरोध किया है। इरान का कहना है कि युद्ध से पहले जैसी अवरुद्ध रहित जहाजों की आवागमन व्यवस्था फिर से स्थापित नहीं की जाएगी।