
तात्काल चाय या कॉफी पीना क्यों खतरनाक हो सकता है?
२५ भाद्र, काठमाडौं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि अत्यधिक गर्मी वाली चाय या कॉफी जैसे पेय पदार्थों का नियमित सेवन इसोफेगल कैंसर के जोखिम को काफी बढ़ा सकता है। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर’ में प्रकाशित यह अनुसंधान इस क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन माना जाता है, जिसमें लगभग १० लाख पुरुषों और महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया था। अध्ययन के अनुसार ६५ डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर बहुत गर्म पेय पदार्थ पीने वाले लोगों में गर्म पेय पीने वालों की तुलना में फूड पाइप के कैंसर का खतरा लगभग तीन गुना अधिक होता है।
दैनिक रूप से छह या उससे अधिक कप गर्म पेय पदार्थों के सेवन से यह जोखिम और भी बढ़ जाता है, अध्ययन में यह बात सामने आई है। वैज्ञानिकों के अनुसार अत्यधिक गर्म तरल पदार्थ फूड पाइप की आंतरिक कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता डॉ. केरेन पपीर के अनुसार दक्षिण अमेरिका में पी जाने वाले ‘मेट’ नामक अत्यधिक गर्म हर्बल पेय पर पिछले अध्ययनों ने भी इसी तरह के परिणाम दिखाए हैं। आमतौर पर केतली में पानी उबलने का तापमान १०० डिग्री सेल्सियस होता है और कप में डालने के बाद यह तापमान ९० से ९५ डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
हालांकि टेकअवे कॉफी या चाय पीते समय ४९ से ६० डिग्री सेल्सियस का तापमान उपयुक्त माना जाता है। दूध मिलाने पर पेय पदार्थ का तापमान कुछ कम हो जाता है, लेकिन पीने से पहले कुछ मिनट रुकना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होगा, ऐसा शोधकर्ताओं का सुझाव है। फिर भी विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार का कैंसर (स्क्वैमस सेल इसोफेजियल कैंसर) दुर्लभ माना जाता है और सामान्य लोगों में इसका कुल जोखिम बहुत कम होता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि अत्यधिक गर्म पेय छोड़ने पर फूड पाइप के कैंसर के १० में से १ या २ मामले नियंत्रित किए जा सकते हैं। कैंसर रिसर्च यूके के अनुसार अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों की तुलना में धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन फूड पाइप कैंसर के मुख्य कारण हैं। इसलिए धूम्रपान न करना और शराब की मात्रा कम करना इस कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। छाती या गले में दर्द, खाने को निगलने में कठिनाई, पेट में जलन और वजन घटना फूड पाइप कैंसर के मुख्य लक्षण माने जाते हैं।