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नई दिल्ली में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता, किन मुद्दों पर बातचीत हुई?

27 भाद्र, काठमांडू। ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर नई दिल्ली आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शनिवार शाम द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों पक्षों के संबंधों में हो रही प्रगतियों पर विस्तृत संवाद हुआ। भारत में प्रकाशित मीडिया के अनुसार, अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में हुई पिछली वार्ता के बाद भारत-चीन संबंधों में निरंतर सुधार के विषय पर नेताओं ने चर्चा की।

दोनों नेताओं ने अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की साझा भावना व्यक्त की। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया गया। मोदी ने दो देशों के संबंधों को तीन ‘पारस्परिकता’ — पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हितों के आधार पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

इसके साथ ही, मोदी ने सीमा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने पर ज़ोर देते हुए पूर्व समझौते और सहमतियों का दोनों पक्षों द्वारा पालन आवश्यक होने को दोहराया। भारतीय विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा गया कि दोनों नेताओं ने राजनीतिक सहमति के साथ सीमा विवाद का न्यायसंगत, तार्किक और दोनों पक्षों द्वारा स्वीकृत समाधान खोजने की प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त की।

चीनी राष्ट्रपति शी ने भारत के साथ संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने की बात कही, और दोनों देशों के दीर्घकालिक हित में संबंधों को आगे बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने में भारत-चीन संयुक्त प्रयासों की अनिवार्यता भी उजागर की।

शी ने मोदी से कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे के उज्ज्वल पहलुओं से सीख लेकर साझा विकास प्राप्त कर सकते हैं। दोनों ने अपनी क्षमताओं का सदुपयोग कर सहयोग से साझा विकास के लक्ष्यों की ओर बढ़ने पर जोर दिया।