
ब्रिक्स सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश: ताकत के बल पर मनमानी न करें
२८ भाद्र, काठमांडू। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि विश्व में अब ताकत के बल पर मनमानी थोपने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है। भारत की नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स देशों के १८वें शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी ने यह बात कही। सम्मेलन के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए शी ने कहा कि ‘बल ही सही’ की सोच को विश्व के सभी देशों को पहले ही छोड़ देना चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्व के सभी देश, चाहे वे बड़े हों या छोटे, अमीर हों या गरीब, सभी सम्मान के पात्र हैं।
उन्होंने कहा, ‘विकासशील देशों को बहुपक्षीयता और संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका को और मजबूत बनाना होगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।’ राष्ट्रपति शी ने वर्तमान विश्व स्थिति की अत्यधिक अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की। ‘ऐसे समय में ब्रिक्स देशों को नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए विकासशील देशों को एकजुट करना चाहिए और विश्व में शांति तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए सकारात्मक शक्ति के रूप में काम करना चाहिए,’ उन्होंने कहा।
शी ने आगे कहा कि बिना नियमों की व्यवस्था वाला विश्व ‘अराजकता और अव्यवस्था’ की ओर बढ़ेगा, इसलिए अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों की भागीदारी से बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘नियमहीन दुनिया ट्रैफिक लाइट के बिना सड़क क्रॉसिंग के समान है, जहां अराजकता और अव्यवस्था लगभग सुनिश्चित होती है। निष्पक्षता और न्याय विश्वव्यापी आकांक्षा हैं और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाना चाहिए।’ उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानूनी शासन की संयुक्त रूप से रक्षा करने पर ज़ोर दिया। ‘सर्वभौम समानता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान जैसी अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मूलभूत मान्यताओं की रक्षा करनी होगी,’ उन्होंने स्पष्ट किया।