
लामिन यमाल: मुझे हजारों बार जातीय भेदभाव सहना पड़ा
बार्सिलोना के 19 वर्षीय लामिन यमाल ने अपने करियर के दौरान हजारों बार जातीय भेदभाव का सामना किया है। उन्होंने कहा, “अक्सर टिप्पणियाँ और नजरिए जातीय से कहीं अधिक होती हैं, लेकिन लोगों को इसका पता नहीं चल पाता।” यमाल ने स्पष्ट किया, “अगर कोई मुझे ‘ब्लैक’ कहता है तो इसका मुझपर कोई असर नहीं पड़ता।”
स्पेन के ऑब्जर्वेटरी ऑन रेसिज़म एंड जेनोफोबिया ने बताया कि वर्ष 2025 के अंतिम त्रैमास में यमाल और विनीसियस जूनियर ऑनलाइन जातीय दुर्व्यवहार के सबसे अधिक निशाने पर रहे। 2 असोज, काठमांडू।
मोविशटर के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हजारों बार। लोग अप्रत्यक्ष रूप से आपके प्रति जातीय भेदभाव करते हैं, लेकिन शायद उन्हें इसका एहसास नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई मुझे ‘ब्लैक’ कहता है तो उस बात का मुझ पर कोई असर नहीं होता क्योंकि मैं सचमुच काला हूँ।” वर्ष 2024 के एल क्लासिको मैच के दौरान भी सांतियागो बर्नाबेऊ स्टेडियम में यमाल जातीय भेदभाव का शिकार हुए थे।