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यूरोप में पहली बार डिप्लोडोकस डायनासोर के जीवाश्म मिले

पैलियंटोलॉजिस्ट्स ने उत्तर अमेरिका के बाहर पहली बार डिप्लोडोकस डायनासोर की उपस्थिति की पुष्टि की है। इस खोज ने अंतिम जुरासिक काल में इस प्रसिद्ध डायनासोर के वितरण के बारे में वैज्ञानिकों के ज्ञान को बदल दिया है। फंडासिओन कोन्हुन्तो पैलियंटोलोहिको दे तेरेउल – दिनोपोलिस के शोधकर्ताओं ने इस जीवाश्म का विवरण जर्नल ऑफ वर्टिब्रेट पैलियंटोलॉजी में प्रकाशित किया है। यह नमूना यूरोप में पाए गए सबसे संपूर्ण डिप्लोडोसिड कंकालों में से एक है। यह जीवाश्म स्पेन के तेरेउल स्थित एल कास्तेयार के ला तेहेरिया क्षेत्र से मिला है। उत्खनन के दौरान शोधकर्ताओं ने 14 पुच्छल की हड्डियाँ और कुछ चेव्रोन हड्डियाँ प्राप्त की थीं।

पहले की खोज में डिप्लोडोकस के सभी नमूने पश्चिमी अमेरिका के मोरिसन फॉर्मेशन में ही पाए गए थे। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने इसकी शारीरिक संरचना और विकासवादी विश्लेषण के आधार पर इसे डिप्लोडोकस के रूप में पहचाना है। दिनोपोलिस के शोधकर्ता सर्हियो सांचेज फेनोयोस ने कहा, ‘यह उत्खनन अंतिम जुरासिक काल में महाद्वीपों के बीच महासागर पार होकर जीवों के आवागमन का सबसे मजबूत प्रमाण है।’ स्पेन में मिला यह डिप्लोडोकस लगभग 150 मिलियन वर्ष पहले जुरासिक काल के अंत में मौजूद था। यूरोप में इसके मिलने से यह प्रमाणित होता है कि उस समय उत्तर अमेरिका और यूरोप के बीच डायनासोर आवागमन कर सकते थे।

शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रोटोनर्थ अटलांटिक महासागर में समुद्री सतह के घटने से बने अस्थायी भूमि पुलों का उपयोग कर ये जीव महासागर पार कर सकते थे। यह स्पेनिश डिप्लोडोकस लगभग 25 मीटर लंबा था। दिनोपोलिस के सह-लेखक डॉ. अल्बर्टो कोबोस ने कहा, ‘ये सभी डायनासोर जीवाश्म तेरेउल को विविधता अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल बनाते हैं।’ उत्कृष्ट स्थितियों में पाए जाने के कारण शोधकर्ताओं ने कई शारीरिक विशेषताएँ पहचानी हैं। उन्होंने पारंपरिक शारीरिक तुलना और उन्नत फिलोजेनेटिक विश्लेषण का संयोजन कर अध्ययन किया। परिणामों से पता चलता है कि यह नमूना डिप्लोडोकस प्रजाति का ही है और डिप्लोडोकस हेलोरम के निकट संबंधी है।

अभी ये जीवाश्म तेरेउल के दिनोपोलिस में स्थित मुसेओ अरागोनेस दे पैलियंटोलोहिया के डायनासोर हॉल में रखे गए हैं। डिप्लोडोकस विश्व के सबसे प्रसिद्ध डायनासोरों में से एक है। यह अपनी 25 मीटर तक की लंबाई, लंबे सांप जैसे पुच्छर और छोटे सिर के लिए जाना जाता है। 1878 में अमेरिका में पहली बार मिलने के बाद इसके कंकाल के नमूने विश्व के बड़े संग्रहालयों में रखे गए। इस खोज ने अंतिम जुरासिक काल में पूर्वी इबेरिया के डायनासोर विविधता के बारे में नई जानकारी जोड़ी है। इस क्षेत्र से सैरोपोड, थेरोपोड, स्टेगोसोर, और ऑर्निथोपोड जैसे कई डायनासोर समूहों के अवशेष मिले हैं। ये जीवाश्म उस समय के तटीय वातावरण में जटिल और विविध डायनासोर पारिस्थितिकी तंत्र के संकेत देते हैं।