
संयुक्त राष्ट्र महासभा में जेलेंस्की का संबोधन – रूस पर नेपाल सहित ४७ देशों के नागरिकों को युद्ध के लिए प्रयोग करने का आरोप
संक्षिप्त समाचार समीक्षा के बाद प्रस्तुत। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन करते हुए रूस पर नेपाल समेत ४७ देशों के नागरिकों को युद्ध के लिए प्रयोग करने का दावा किया है। उन्होंने नेपाल, घाना, ताजिकिस्तान, भारत, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों की युद्ध में भागीदारी की बात उठाई। जेलेंस्की ने संबंधित देशों से अपने नागरिकों को रूस की सेना में भर्ती होने से रोकने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ८ असोज, काठमाडौं।
जेलेंस्की ने विभिन्न देशों के नागरिकों को छल-कपट और प्रलोभन के जरिए रूस द्वारा अपने पक्ष में लेकर युद्ध में प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘रूस अपनी युद्ध में ४७ देशों के नागरिकों का उपयोग कर रहा है।’ उनके अनुसार कुछ लोगों को उनकी मर्जी के विपरीत या धोखे से रूस की ओर ले जाया जाता है और फिर युद्धभूमि में भेजा जाता है।
जेलेंस्की ने गैर-रूसी नागरिकों की युद्ध में मृत्यु होने की बात बताते हुए संबंधित देशों की सरकारों से अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने महासभा में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘ये आपके नागरिक हैं, उनकी सुरक्षा करें।’ उन्होंने पुतिन पर अन्य देशों को युद्ध में शामिल कराने का भी आरोप लगाया।
इस आरोप की पुष्टि के रूप में, उन्होंने यूक्रेनी ड्रोन द्वारा प्राप्त वीडियो में युद्धभूमि पर अपने नागरिकों के हताहत होने को दर्शाया। जेलेंस्की के इस बयान के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध में नेपाली नागरिकों की संभावित भागीदारी का विषय विश्व मंच पर फिर चर्चा में आ गया है। नेपाल ने हमेशा से अपने नागरिकों को विदेशी सेनाओं में भर्ती होने से रोकने और रूस की सेना में मौजूद नेपालीयों को स्वदेश वापस लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हैं।