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विदेशी रोजगार : मलेशिया ने अपनी मैनपावर एजेंसियां चुनने के बाद उत्पन्न विवाद क्या है?

मलेशिया में एक विदेशी कामगार

नेपाली श्रमिकों को भर्ती करने के मामले में बिना किसी परामर्श के मैनपावर एजेंसियां चुनने के निर्णय के खिलाफ असहमति जताते हुए नेपाल ने मलेशियाई सरकार को इस संबंध में राजनयिक नोट भेजा है, अधिकारियों ने बताया।

मलेशिया की ‘फॉरेन वर्कर्स सेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट सिस्टम’ (FWCMS) ने नेपाल की २५ ‘मैनपावर’ एजेंसियों को ‘मुख्य’ और २५० एजेंसियों को ‘सहायक’ एजेंसी के रूप में अपनी वेबसाइट पर सूचीबद्ध किया है।

इस मुद्दे पर दोनों देशों के विभागीय मंत्रियों की चर्चा के बाद ‘राजनयिक नोट’ भेजे जाने की पुष्टि युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की प्रवक्ता मीरा आचार्य ने की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल के मौजूदा कानूनों के विरुद्ध कोई भी कदम सरकार द्वारा स्वीकार्य नहीं होगा।

प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह ‘बालेन’ ने नेपाली श्रमिकों की समस्याओं पर मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से बातचीत की जिसके बाद गत गुरुवार श्रम मंत्री रामजी यादव और मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री दातुक सेरी आर रामानन के बीच टेलीफोन संवाद हुआ, मंत्रालय ने जानकारी दी।