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ध्रुव राठी का आरोप: ‘प्रहरी ने मुझे अपहरण किया’

२५ असोज, काठमाडौं। प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पुलिस पर अपहरण और पिटाई का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए स्पष्ट किया कि वे भारतीय नागरिक हैं। वीडियो में अपना पासपोर्ट दिखाते हुए राठी ने कहा, ‘‘यह मेरा पासपोर्ट है और मैं एक भारतीय नागरिक हूँ और भारतीय ही रहूँगा। मैं विदेशी पासपोर्ट धारक नहीं हूँ और प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकता यह बात पूरी तरह गलत है। मैं भारतीय नागरिक हूँ और मेरे भी उतने ही अधिकार हैं, जितने किसी भी आम नागरिक के।’’

घटना का विवरण देते हुए राठी ने बताया कि असोज २४ की सुबह लगभग ७ बजे सामान्य कपड़ों में कुछ लोग उनके घर में घुसे। उन्होंने कहा कि वे अपनी मां को धक्का देते हुए बेडरूम में आए और जबरदस्ती उन्हें ले गए। ‘‘मैं यहाँ किडनैप शब्द का इस्तेमाल कर रहा हूँ क्योंकि यह कोई गिरफ्तारी या हिरासत नहीं थी। हिरासत तब होती यदि मैं प्रोटेस्ट में जाता। गिरफ्तारी तब होती अगर कोई पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी और नाम पट्टी दिखाता,’’ उन्होंने स्पष्ट किया।

राठी के अनुसार घर के बाहर ५० से अधिक लोग खड़े थे, जिन्होंने उन्हें अपराधी की तरह घसीट कर ले जाया। इस दौरान उन्हें कई चोटें आईं और उनका फोन भी छीन लिया गया, जिसके कारण वे वीडियो नहीं बना पाए। उन्होंने पुलिस पर वकील और फोन संपर्क न देकर लगभग २२ से २३ घंटे तक रखने का भी आरोप लगाया। देश की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए राठी ने कहा, ‘‘क्या किसी लोकतांत्रिक देश में आपने देखा है जहाँ बिना किसी कानून का उल्लंघन किए, सच्चाई और देशहित की आवाज उठाने वाले आम नागरिक को उसके बेडरूम से अपहरण किया जाए और उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट हो?’’

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश को तानाशाही में बदलने का आरोप लगाते हुए राठी ने वर्तमान स्थिति को ‘‘अधिकृत अप्रकाशित इमरजेंसी’’ बताया। उन्होंने बताया कि सीजेपी नेताओं सहित ७,००० से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और ऐसे मामले केवल इमरजेंसी या उत्तर कोरिया जैसे देशों में देखने को मिलते हैं। राठी के अनुसार अभी भी १५ से ज्यादा लोग उन पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अनौपचारिक गृह गिरफ्तारी में रखा गया है।