
एनसेल का दावा: सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें अन्यायपूर्ण और अवैध हैं
समाचार सारांश समीक्षा की गई है। निजी दूरसंचार कंपनी एनसेल ने अपनी लाइसेंस नवीकरण की प्रक्रिया में सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में पुनरीक्षण के लिए आवेदन दिया है। कंपनी ने नवीकरण शुल्क पर वार्षिक १० प्रतिशत ब्याज लगाने की व्यवस्था और शेयर संरचना में परिवर्तन न करने की शर्तों को गैरकानूनी बताते हुए व्यावसायिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही है। विवाद सुलझाने के लिए एनसेल ने ५० प्रतिशत से अधिक शेयर नेपाली स्वामित्व में लाने और आम जनता के लिए शेयर जारी करने का नया व्यावसायिक प्रस्ताव भी रखा है। ८ साउन, काठमांडू।
निजी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एनसेल ने अपनी लाइसेंस नवीकरण के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित कुछ शर्तों को गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद कार्यालय में पुनरीक्षण के लिए आवेदन दायर किया है। कंपनी ने कहा है कि ये शर्तें उनके व्यवसाय, निवेश और सेवा संचालन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालेंगी। नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण ने १६ भदौ २०८१ को पांच वर्ष के लिए मोबाइल सेवा लाइसेंस नवीनीकृत किया, लेकिन उसमें रखी गई दो मुख्य शर्तों पर एनसेल ने आपत्ति जताई है।
पहली शर्त के अनुसार, बाकी बचा नवीकरण शुल्क भुगतान पर वार्षिक १० प्रतिशत ब्याज लेना कानून के खिलाफ है, एनसेल का दावा है। दूसरी शर्त में नवीकरण के समय कंपनी की शेयर संरचना में कोई परिवर्तन न करने की बात कही गई है, जिसे एनसेल ने गैरकानूनी बताया है। एनसेल के अनुसार ये दोनों शर्तें संविधान द्वारा प्रतिपादित संपत्ति के अधिकार और व्यावसायिक स्वतंत्रता के विरुद्ध हैं। कंपनी ने कहा है कि ये शर्तें नेपाल टेलिकॉम को लाइसेंस नवीनीकरण के समय नहीं लगाई गईं, लेकिन उन्हें ही लागू किया गया है, जिससे भेदभाव हुआ है।
कंपनी का यह भी कहना है कि दूरसंचार नियमावली के १०वें संशोधन को पिछली तारीख से प्रभावी करने का प्रयास किया गया है, जिसका असर मात्र एनसेल पर पड़ा है। कानून में शेयर बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है, इसलिए शेयर संरचना में प्रतिबंध लगाना गैरकानूनी होगा, एनसेल का तर्क है। एनसेल नेपाल की सबसे बड़ी करदाता कंपनियों में से एक है, और १ करोड़ ४० लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान कर रही है तथा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है। विवाद का समाधान नहीं हुआ तो दूरसंचार क्षेत्र में संकट उत्पन्न होने की चेतावनी भी कंपनी ने दी है।