Skip to main content

विश्व बाघ दिवस: नेपाल में पाटेबाघ की संख्या 429 पहुंचने की घोषणा, गणना की विस्तृत प्रक्रिया

नेपाल में पाटेबाघ की संख्या 429 तक पहुँच चुकी है, यह जानकारी राष्ट्रीय निकुञ्ज तथा वन्यजन्तु संरक्षण विभाग द्वारा प्रकाशित की गई है। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर हाल ही में संपन्न हुए बाघ गणना के परिणाम बुधवार को सार्वजनिक किए गए। कृषि, वन तथा वातावरण मंत्री गीता चौधरी ने उक्त परिणामों का अनावरण किया। वर्ष 2009 से नेपाल में हर चार वर्ष पर नियमित रूप से बाघ गणना होती रही है। इससे पहले वर्ष 2021 में हुई गणना में नेपाल में कुल 355 बाघ प्राकृतिक आवासों में पाए गए थे। इनमें से चितवन में 128, बर्दिया में 125, बाँके में 25, शुक्लाफाँटा में 36 और पर्सा में 41 बाघ थे।

वर्तमान में सबसे अधिक बाघ चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज एवं आस-पास के क्षेत्रों में पाए गए हैं, जहां कुल 145 बाघ गिने गए हैं। बर्दिया राष्ट्रीय निकुञ्ज और आस-पास के वन क्षेत्रों में 112 बाघों की गणना हुई है। पर्सा राष्ट्रीय निकुञ्ज एवं आसपास के वन क्षेत्रों में 71, बाँके राष्ट्रीय निकुञ्ज और शुक्लाफाँटा राष्ट्रीय निकुञ्ज तथा आसपास के वन क्षेत्रों में क्रमशः 51 और 50 बाघ देखें गए हैं।

पिछला राष्ट्रीय बाघ सर्वेक्षण 2082 पुष 1 से शुरू होकर 2083 बैसाख 10 को सम्पन्न हुआ। नेपाल के पाँच प्रमुख बाघ आवासीय निकुञ्जों और आसपास के वन क्षेत्रों में कैमरा ट्रैपिंग तकनीक का उपयोग करते हुए बाघों की गणना की गई है, विभाग ने यह भी बताया। इस अभियान में बाघ के आवासों को तीन ‘कंप्लेक्स’ों में विभाजित किया गया था — चितवन-पर्सा कंप्लेक्स, बाँके-बर्दिया कंप्लेक्स, और शुक्लाफाँटा-लालझाड़ी कंप्लेक्स।

गणना के लिए नेपाल सरकार तथा विभिन्न दातृ संस्थाओं ने सहयोग किया। विश्लेषण के आधार पर नेपाल में बाघों की कुल संख्या 402 से 500 के बीच होने का अनुमान लगाया गया है। उपमहानिर्देशक एवं प्रवक्ता वेदकुमार ढकाल द्वारा जारी विभागीय विज्ञप्ति में कहा गया है, “यह परिणाम नेपाल में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में पिछले वर्षों से चल रहे आवास संरक्षण और प्रबंधन, शिकारी नियंत्रण, आहार प्रजातियों का संरक्षण तथा जैविक मार्ग संरक्षण जैसे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाता है।”