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इंटर्न चिकित्सकों की आमरण अनशन की चेतावनी, प्रधानमंत्री को पांच बिंदु अल्टीमेटम

१५ साउन, काठमांडू। एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न चिकित्सकों ने अपने पांच बिंदु मांग १८ साउन के भीतर प्रधानमंत्री तथा चिकित्सा शिक्षा आयोग के अध्यक्ष के समक्ष लागू करने का आग्रह किया है। चिकित्सा शिक्षा आयोग की पूर्ण बैठक द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगों को पूरा नहीं करने पर वे साउन १९ से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दे चुके हैं।

प्रधानमंत्री को प्रस्तुत ज्ञापन में इंटर्न चिकित्सकों ने उल्लेख किया है कि वे लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन और मासिक निर्वाह भत्ता सुनिश्चित करने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। बार-बार संबंधित निकायों से संवाद और आग्रह करने के बावजूद ठोस निर्णय नहीं होने पर मजबूर होकर आंदोलन को और सख्त करने का निर्णय लिया गया है।

ज्ञापन में शिक्षा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल की अध्यक्षता में गठित कार्यदल द्वारा ३० जेठ २०८३ को प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को तुरंत लागू करने की मांग की गई है। उस रिपोर्ट में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न चिकित्सकों को स्वास्थ्य सेवा के आठवें स्तर के प्रारंभिक वेतन का ५० प्रतिशत मासिक निर्वाह भत्ता सभी सरकारी और निजी चिकित्सा शिक्षण संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई थी।

इंटर्न चिकित्सकों ने राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा अधिनियम, २०७५ के तहत चिकित्सा शिक्षा आयोग को आवश्यक नीतियां और निर्देश जारी करने का अधिकार प्राप्त होने का उल्लेख करते हुए आयोग की पूर्ण बैठक से तत्काल निर्णय लेकर उक्त सिफारिश को लागू करने का आग्रह किया है। साथ ही अधिनियम के धारा ७ के अनुसार अपने अभियान से कम से कम एक आधिकारिक प्रतिनिधि को आयोग की बैठक में शामिल करने की भी मांग की है।